ग्वालियर में गैस सिलेंडर संकट के कारण 4 में से 3 दीनदयाल रसोई बंद, जरूरतमंदों की थालियां 3700 से घटकर 1300 हुईं

ग्वालियर में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते चार में से तीन दीनदयाल रसोई पर ताला लग गया है। इस वजह से जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की थालियों की संख्या 3700 से घटकर सिर्फ 1300 रह गई है। अधिकारियों के दावों के बावजूद आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे संकट गहरा गया है।
ग्वालियर में गैस सिलेंडर संकट के कारण 4 में से 3 दीनदयाल रसोई बंद, जरूरतमंदों की थालियां 3700 से घटकर 1300 हुईं

शहर में जरूरतमंदों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली दीनदयाल रसोई योजना गैस सिलेंडर की कमी के कारण गंभीर संकट में है। आपूर्ति बाधित होने से ग्वालियर की चार में से तीन रसोइयां बंद हो चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप भोजन की थालियों में लगभग 65% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

पहले जहां इन रसोईयों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 3700 लोगों को भोजन मिलता था, वहीं अब यह आंकड़ा सिमटकर 1300 पर आ गया है। वर्तमान में केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर स्थित रसोई ही किसी तरह चल रही है, लेकिन अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो इस पर भी ताला लग सकता है।

सिर्फ एक रसोई के भरोसे व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, झांसी रोड बस स्टैंड और इंटक मैदान सहित अन्य दो स्थानों पर संचालित रसोई पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं। अभी केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड की रसोई से सीमित मात्रा में भोजन तैयार कर कुछ स्थानों पर भेजा जा रहा है, जो मांग के मुकाबले बेहद कम है।

नगर निगम को इन चार रसोईयों के संचालन के लिए प्रतिदिन 8 से 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। हालांकि, 13 मार्च से आपूर्ति में भारी कटौती शुरू हो गई। उस दिन केवल 5 सिलेंडर मिले और शनिवार को यह संख्या घटकर मात्र 2 रह गई, जिसके कारण तीन रसोईयों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।

आंकड़ों में दिखी गिरावट

सिलेंडर की कमी का असर थालियों की संख्या पर सीधे तौर पर दिखा है। आंकड़ों के अनुसार:

  • 12 मार्च: 3700 थालियां
  • 13 मार्च: 1218 थालियां
  • 14 मार्च: 1446 थालियां

दीनदयाल रसोई के इंचार्ज प्रमोद सिंह ने बताया कि सिलेंडर की कमी के कारण रसोई में खाना बहुत कम बन पा रहा है। पहले जहां 3000 से 3700 थालियां बनती थीं, अब यह संख्या 1000 से 1500 रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि संकट इतना गहरा है कि खाना बनाने के लिए सड़क से गर्म पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।

“गैस सिलेंडर की दिक्कत है। दीनदयाल रसोई के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर दो-तीन दिन से नहीं मिले हैं। ऐसी स्थिति में सिर्फ बड़े बस स्टैंड की किचन से ही खाना भेजा जा रहा है। जल्दी ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।” — प्रदीप तोमर, अपर आयुक्त, नगर निगम

अधिकारियों ने जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों जरूरतमंद हर दिन भोजन से वंचित हो रहे हैं। अगर आपूर्ति तत्काल बहाल नहीं की गई तो शहर में भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।

Ankita Chourdia
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