
Dead lizards found in a water tank in Gwalior
इंदौर के भागीरथपुरा में प्रदूषित पानी से हुई मौतों ने मध्य प्रदेश को पूरे देश में शर्मसार कर दिया था, घटना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश एक सभी नगरीय निकायों को पेयजल की शुद्धता पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए थे मगर ग्वालियर में सामने आये पीएम आवास योजना की मल्टी के वीडियो ने स्पष्ट कर दिया है कि नगर निगम के अफसर मुख्यमंत्री के आदेश को कितना गंभीरता से लेते हैं
दर असल मामला ग्वालियर शहर के मानपुर क्षेत्र में बनी प्रधानमंत्री आवास योजना की मल्टी का है, इस मल्टी के लोग उस समय दशहत में आ गए जब उनको पेयजल सप्लाई करने वाली टंकी में मरी हुई छिपकलियां दिखाई दिन , लोगों ने जन झाँक कर ठीक से वाटर टैंक को देखा तो उसमें एक नहीं पांच मरी हुई छिपकलियां पड़ी थी जिसे उन्होंने फिश नेट की मदद से बाहर निकाला।
पानी में बदबू और गंदगी, टंकी में मिलीं मरी हुई छिपकलियां
बता दें इस मल्टी में करीब 1300 फ़्लैट हैं जहाँ इस टंकी से पानी की सप्लाई होती है। पानी की टंकी में मरी छिपकली मिलने से रहवासी भड़क गए हैं।लोगों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी टंकी की नियमित सफाई पर ध्यान नहीं देते। लोगोंमें इतना गुस्सा था कि वो कह रहे थे कि ग्वालियर में भागीरथपुरा काण्ड कराना चाहते ही नगर निगम। स्थानीय लोगों का कहना है कि फेस-वन में ब्लॉक ई-52 की पानी की टंकी से आने वाले पानी की क्वॉलिटी पर उन लोगों को शक हो रहा था। उन्होंने इसकी तलाश शुरू की तो पानी में बदबू और गंदगी महसूस हुई इसक एबाद ये लोग पानी की टंकी की जांच करने पहुंचे। और फिर टंकी का ढक्कन खोलते ही उसमें अंदर मरी हुई छिपकलियां दिखाई दी।
घटना का बनाया वीडियो, बाहर से पानी मंगाकर पी रहे लोग
लोगों ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। टंकी में छिपकलियां मिलने की खबर फैलते ही परिसर में दहशत का माहौल बन गया। लोगों को डर है कि कई दिनों से यह पानी उनके घरों में सप्लाई हो रहा था। संभव है कि वे अनजाने में दूषित पानी पी चुके हों। दहशत में घिरे लोग पानी की कैन मंगाकर गुजारा कर रहे हैं , इन लोगों में स्वास्थ्य को लेका र्चीनता और निगम अफसरों पर गुस्सा बढ़ रहा है।
निगम अफसरों पर लगाये गंभीर आरोप
लोगों का आरोप है कि यहाँ पिछले दो साल से वे यहां रह रहे हैं लेकिन नगर निगम छत पर बनी पानी की टंकी की नियमित सफाई नहीं करा रहा है। कई बार उन्होंने शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि टंकी के ढक्कन की स्थिति भी ठीक नहीं है, जिससे बाहर से कीड़े-मकोड़े या अन्य जीव अंदर गिर सकते हैं।
नाराज लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी निगम अफसर ध्यान नहीं देते, उधर इस मामले में जब हमने नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय को फोन लगाया तो उनके स्टेनों ने कहा साहब मीटिंग में हैं, बहरहाल उम्म्मीद करते हैं कि निगम अफसर लापरवाही छोड़ें और टंकी की सफल पर ध्यान दे जिससे अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

