Gwalior News : खुदाई के दौरान निकले ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के, मजदूरों में लूटने की मची होड़ , पुलिस ने संभाली स्थिति

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Gwalior News : ग्वालियर के खल्लासीपुरा इलाके में खुदाई के दौरान खजाना मिलने की खबर से हडकंप मच गया, यहाँ एक प्लाट की खुदाई में मजदूरों को ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के मिले, कुछ मजदूरों ने रख लिए लेकिन ट्रॉली में मिटटी डालते समय भेद खुल गया तो लोग सिक्के लूटने भागे, सूचना पर पहुंची पुलिस ने वहां स्थिति संभाली, पुलिस ने मजदूरों के पास से 7 सिक्के बरामद किये, पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले गई।

ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के नौगजा रोड पर बसे खल्लासीपुरा में आज उस समय हडकंप मच गया जब जमीन से गड़ा हुआ खजाना निकलने की खबर मोहल्ले से फैली, दरअसल यहाँ एक प्लाट में खुदाई का काम कुछ मजदूर कर रहे थे, बताया जा रहा है कि प्रिंस पाल ने इस मकान को हाल ही में संजय पाल से ख़रीदा था तो वे इसे तोड़कर नया निर्माण करवा रहे थे।

खुदाई में निकले ब्रिटिशकालीन सिक्के, मची लूट 

उन्होंने मजदूरों को काम पर लगाया था, मकान स्टेट टाइम का बना हुआ था, पुरानी बस्ती है, आज जब मजदूर गहराई में मिटटी निकाल रहे थे तभी उन्हें चांदी के सिक्के मिले, सिक्के ब्रिटिश काल के थे उस क्वीन विक्टोरिया की इमेज थी, मजदूरों ने उस मिटटी को तत्काल भरना शुरू किया और जल्दी जल्दी ट्रॉली में डालना शुरू किया और कुछ सिक्कों को जेब में रख लिया।

पुलिस ने बरामद किये केवल सात सिक्के 

मजदूरों की हरकत पर पडोसी राजेन्द्र पाल को कुछ शक हुआ तो उसने टोका तो मजदूरों ने काम की गति बढ़ा दी , बात फैली तो आसपास के कुछ लोगों ने चांदी के सिक्के लूट लिए, सूचना पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मजदूरों को पकड़कर थाने ले आई, पुलिस को इनसे केवल सात सिक्के ही मिल पाए जबकि बताया जा रहा है कि बहुत सिक्के यानि वहां खजाना मिला था, पुलिस मजदूरो से पूछताछ कर अन्य सिक्कों की जानकरी जुटा रही है ।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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