
Gwalior News : ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे टेम्पो यूनियन के नेताओं और चालकों ने धरने का कॉल समाप्त होने के बाद इसे और बढ़ा दिया है , हड़ताल के चलते शहर में टेम्पो (विक्रम) नहीं चल रहे जिससे शहर का लोकल ट्रांसपोर्ट प्रभावित है लोग परेशान हो रहे हैं उधर आज इस घटनाक्रम में एक नया मोड़ उस समय आ गया जब टेम्पो चालकों को हड़ताल के विरोध में ई रिक्शा चालक विरोध पर उतर आये और उनके धरना स्थल के सामने ही सड़क पर बैठ गए, मजेदार बात ये है कि ई रिक्शा चालकों के साथ आये भारतीय मजदूर संघ के नेता ने टेम्पो चालकों की हड़ताल का नेतृत्व कर रहे भारतीय मजदूर संघ के नेता को ही फर्जी बता दिया।
15 सितंबर से हड़ताल पर हैं टेम्पो चालक
दर असल ग्वालियर शहर के 11 लोकल ट्रांसपोर्ट रूट पर चलने वाले टेम्पो (विक्रम) के चालक भारतीय मजदूर संघ और अपनी यूनियन के साथ 15 सितंबर से हड़ताल पर हैं इनके साथ ऑटो यूनियन भी शामिल है, इनकी प्रमुख मांग है कि इनके रूट पर चल रहे ई रिक्शा को हटा लिया जाये, ये उनकी सवारी ले लेते हैं जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है, टेम्पो चालकों ने तीन दिन की हड़ताल का एलान किया था लेकिन इन तीन दिनों ने प्रशासन का कोई भी अधिकारी इनसे मिलने नहीं आया तो इन्होंने आज से आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

टेम्पो चालकों के धरने के सामने ई रिक्शा चालकों का विरोश प्रदर्शन
इस बीच आज इस घटनाक्रम में नया मोड़ जब आया जब फूलबाग चौराहे पर टेम्पो यूनियन की हड़ताल के सामने ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, ये विरोध प्रदर्शन ई रिक्शा चालकों ने किया, उनका आरोप है कि जब तीन दिन में टेम्पो चालकों को सफलता नहीं मिली तो आज हमारे एक ई रिक्शा चालक के साथ मारपीट को गई, इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।

फूलबाग चौराहे पर यातयात बाधित, पुलिस ने किया हस्तक्षेप
दो संगठनों के आमने सामने आने से फूलबाग चौराहे पर माहौल ख़राब होने लगा वहां यातायात बाधित होने लगा तो पुलिस ने पहुंचकर हस्तक्षेप किया, पुलिस का कहना है कि ई रिक्शा चालकों के साथ आज मारपीट की गई हैं उनका आरोप है कि ये काम टेम्पो चालकों ने किया है हमने उनकी शिकायत ले ली है, उन्होंने घटनाक्रम के वीडियो भी दिए हैं, जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी ।
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यहाँ विशेष बात ये है कि दोनों ही संगठनों से भारतीय मजदूर संघ जुड़ा है , ई रिक्शा चालकों के साथ पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री विजयंत नायक ने बताया कि टेम्पो चालकों के साथ बैठे भारतीय मजदूर संघ के नेता असली नहीं हैं क्योंकि भारतीय मजदूर संघ अनशन, भूख हड़ताल की अनुमति नहीं देता, ये राष्ट्रीय विचारधारा वाला संगठन है, कुछ फर्जी लोगों ने टेम्पो चालकों को बहकाकर हड़ताल पर बैठा लिया है , हमने स्थानीय प्रशासन को भी ये बता दिया है और अपने संगठन के नेताओं को भोपाल भी सूचित कर दिया है।
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वहीं 15 सितंबर से हड़ताल पर बैठे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि मारपीट की बात करना हमें बदनाम करने की साजिश हैं, हम अनुशासित लोग हैं कुछ असामाजिक तत्व ई रिक्शा के नाम से सामने खड़े होकर वातावरण को खराब कर हमारे आन्दोलन को विवादित करना चाहते हैं क्योंकि इन्हें लगता है कि हमारा आन्दोलन सफल हो रहा है, अरविंद मिश्रा ने खुद को असली भारतीय मजदूर संघ का नेता बताया।
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बड़ी बात ये है कि इस पूरे मसले में जिला प्रशासन चुप है प्रशासन का कहना है कि किसी को व्यापार करने से कैसे रोका जा सकता है, चूँकि ई रिक्शा के लिए परमिट नहीं लेना पड़ता तो पुलिस और परिवहन विभाग भी खुद को असहाय महसूस कर रहा है , प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए ई वाहनों को बढ़ावा देने की मुहिम में कैसे ग्वालियर में ई रिक्शा बंद किया जा सकता है, बहरहाल प्रशासन के अधिकारी इन नेताओं से बात कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में है, अब ये रास्ता जब तक निकलेगा तब तक शहर के लोग लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए परेशान होते रहेंगे।
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

