बुजुर्ग महिला तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने जब्त की 4 लाख रुपये से ज्यादा की स्मैक

Smack seized from female smuggler, Gwalior Police

Gwalior News : ग्वालियर की क्राइम ब्रांच थाना पुलिस और महाराजपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए एक बुजुर्ग महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है, पुलिस ने लक्ष्मणगढ़ पुल के पास स्मैक की पुड़िया बनाकर बेच रही महिला तस्कर से 42 ग्राम स्मैक जब्त की है जिसकी किमर 4 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है।

मप्र विधानसभा चुनावों को देखते हुए ग्वालियर पुलिस सतर्क है, इसी क्रम में पुलिस अधिकारियों को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला लक्ष्मणगढ़ पुल के पास अवैध मादक पदार्थ स्मैक की पुड़िया बनाकर बेच रही है, उक्त सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।  मुखबिर की सूचना के बाद क्राइम ब्रांच व बरैठा चौकी पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर अवैध मादक पदार्थ तस्करों पर कार्यवाही करने हेतु लगाया गया।

महिला तस्कर की उम्र करीब 70 साल 

पुलिस टीम को मुखबिर के बताये स्थान पर एक महिला सहित कुछ लोगों की भीड़ दिखाई दी, पुलिस को अपनी ओर आता देख महिला को घेरकर खड़े 3-4 व्यक्ति भाग गये। मौके पर पुलिस को एक महिला मिली जो कि हाथ में एक सफेद रंग की पोलीथिन लिए हुए थी और वो पुलिस को देखकर भागने की फिराक में थी। पुलिस टीम द्वारा महिला से नाम व पता पूछा गया तो उसने स्वयं को गोसपुरा नं.1 हजीरा जिला ग्वालियर का रहने वाला बताया। गिरफ्तार महिला की उम्र करीब 70 साल के आसपास है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच में लिया 

पकड़ी गई महिला के हाथ में मिली पोलीथीन को खोलकर देखने पर उसमें मादक पदार्थ स्मैक रखी हुई मिली, महिला तस्कर के पास मिली स्मैक की तौल कराने पर कुल 42 ग्राम थी जिसकी कीमत  लगभग 4 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है । पुलिस ने स्मैक को जप्त कर महिला तस्कर के खिलाफ थाना महाराजपुरा में अप0क्र0 892/23 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पकड़ी गई महिला तस्कर से स्मैक के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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