Gwalior News : बंदूक साफ करते समय चली गोली, मैरिज गार्डन संचालक की मौत

Gwalior News : बंदूक साफ करते समय चली गोली, मैरिज गार्डन संचालक की मौत

Gwalior News : ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति की बंदूक की गोली लगने से मौत हो गई, बताया जा रहा है कि जब घटना हुई तब वे अपनी बंदूक साफ कर रहे थे , मृतक का नाम अभिषेक सक्सेना है और वे पेशे से पत्रकार है अपनी खुद की मैगजीन निकालते हैं एवं उनका एक मैरिज गार्डन भी है, पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेज दिया है।

बंदूक साफ करते समय चली गोली, मौत 

जानकारी के मुताबिक दर्पण कालोनी में एमआईजी क्वाटर में रहने वाले अभिषेक सक्सेना नामक व्यक्ति की आज अपने ही घर में गोली लगने से मौत हो गई, उनके पास लाइसेंसी बंदूक थी। वे आज शनिवार को अलमारी से बंदूक निकाल कर उसकी सफाई कर रहे थे तभी अचानक बंदूक का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

लहूलुहान हालत देखकर परिजनों की निकली चीख

गोली की आवाज सुनकर परिजन उस कमरे की तरफ भागे जहाँ से आवाज आई। उन्हें अभिषेक लहूलुहान हालत में पड़े दिखाई दिए। उनकी हालत देखकर परिजनों की चीख निकल पड़ी, शोर सुनकर पड़ोसी भी भागकर इनके घर पहुंचे। परिजनों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। थाटीपुर थाने की फोर्स यहां पहुंच गई पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।

हादसा या आत्महत्या, जाँच में जुटी पुलिस 

टी आई विनय शर्मा ने बताया कि गोली चलने की सूचना पर वे यहाँ पहुंचे , मृतक के पास ही दो बंदूक पड़ी मिली है, साफ करने की सामग्री भी मिली है, प्रथम द्रष्टया तो ये हादसा ही दिखाई दे रहा है, मर्ग कायम किया है, फोरेंसिक टीम को बुलाया है , जाँच के बाद ही साफ हो सकेगा कि ये हादसा है ये आत्महत्या है। बताया जा रहा है कि अभिषेक का भिंड जिले में एक मैरिज गार्डन है वे अपनी एक मैगजीन भी निकालते थे , वे परिवार के साथ दर्पण कालोनी में ही रहते थे।

[dgv_vimeo_video id=”849685660″]

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews