Gwalior News : बेटी से कर रहे थे अश्लील हरकत, पिता ने रोका तो पीटा, बचाने आये बेटे पर जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार

मोहल्ले के चार लड़के सलमान खान, मुबारक खान, इमरान खान और समीर खान आये, उन्होंने कुछ सामान लिया और फिर लड़की के साथ अश्लील हरकत करने लगे, फब्तियां कसने लगे उन्होंने रोका तो विवाद करने लगे। विवाद के साथ ही चारों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
Janakganj Police Station Gwalior

Gwalior News : ग्वालियर में एक बार फिर दबंगई का मामला सामने आया है, बदमाशों ने पहले लड़की के साथ अश्लील हरकत की, पिता ने जब लड़कों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पिता को घसीटकर बहुत मारा, शोर शराबा सुनकर घर के अन्दर मौजूद बेटा बाहर आया और पिता को बचाने का पराया सकिय तो बदमाशों ने चाकुओं से उसके चेहरे और गले पर प्राण घातक हमला कर दिया, पुलिस ने चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है दो अन्य की तलाश जारी है।

बेटी को छेड़ रहे थे, पिता ने रोका तो कर दी मारपीट 

मामला जनकगंज थाना क्षेत्र के आपागंज  का है, फरियादी बाल किशन यादव ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि उसकी किराने की दुकान हैं जिस पर वो अपनी बेटी के साथ बैठे थे, वहां मोहल्ले के चार लड़के सलमान खान, मुबारक खान, इमरान खान और समीर खान आये, उन्होंने कुछ सामान लिया और फिर लड़की के साथ अश्लील हरकत करने लगे, फब्तियां कसने लगे उन्होंने रोका तो विवाद करने लगे।

बीच बचाव करने आये बेटे पर चाकू से प्राण घातक हमला 

विवाद के साथ ही चारों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और घसीटकर दुकान से नीचे खींच लिया, बेटी ने शोर मचाया तो घर में मौजूद बेटा सौरभ पिता को बचाने बाहर आया तो बदमाशों ने उसके साथ भी मारपीट की और फिर चाक़ू से उसके चेहरे और गले पर प्राण घातक हमला कर दिया, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने चार में से दो आरोपी गिरफ्तार किये 

एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जनकगंज पुलिस एक्टिव हुई और चार आरोपियों में से दो आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया शेष दो की तलाश की जा रही है जल्दी ही उनकी भी गिरफ़्तारी होगी।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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