Gwalior News : आर-पार की लड़ाई के मूड में नर्सिंग स्टूडेंट, जिला अध्यक्ष ने अन्न-जल त्यागने की घोषणा की

Gwalior News : आर-पार की लड़ाई के मूड में नर्सिंग स्टूडेंट, जिला अध्यक्ष ने अन्न-जल त्यागने की घोषणा की

Gwalior News : नर्सिंग परीक्षा घोटाले के बाद से उन नर्सिंग स्टूडेंट्स को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है जो इस समय नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, ना तो परीक्षाएं समय पर हो रही है और ना ही  रिजल्ट घोषित हो रहा है, सरकारी तंत्र की गलतियों का खामियाजा स्टूडेंट्स उठा रहे हैं, परेशान स्टूडेंट्स ने ग्वालियर में धरना दिया, जिला अध्यक्ष ने तो समस्या हल नहीं होने तक अन्न-जल त्याग करने और ग्वालियर से राधा रानी के दरबार मथुरा तक पदयात्रा निकालने का एलान भी कर दिया।

नर्सिंग छात्रों का सवाल, क्या मामा को हम भांजे भांजी दिखाई नहीं दे रहे ?

ग्वालियर में फूलबाग चौराहे पर धरने पर बैठे नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले  स्टूडेंट्स अपने हाथ में शिवराज सरकार के खिलाफ नाराजी भरे पोस्टर लिए बैठे थे,  उनका कहना था कि हमारा पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन चल रहा है लेकिन सरकार हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रही, खुद को मामा बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हम भांजे भांजी दिखाई नहीं दे रहे।

परेशान स्टूडेंट्स पूछ रहे हम कहाँ जाएँ कोई सुनने वाला नहीं 

नर्सिंग एसोसियेशन ग्वालियर के जिला अध्यक्ष  उपेन्द्र गुर्जर ने कहा कि चार साल से ना परीक्षा हुई ना ही रिजल्ट आया, हमारी 4 साल की डिग्री 8 साल में पूरी हो रही है , ना मुख्यमंत्री और ना ही नर्सिंग काउन्सिल के अधिकारी हमारी सुनवाई कर रहे हैं, समझ नहीं आ रहा कि हम क्या करें।

जिला अध्यक्ष ने अन्न जल त्यागने की घोषणा की 

जिला अध्यक्ष उपेन्द्र गुर्जर ने इसी दौरान एक बड़ा एलान किया उन्होंने कहा कि जब तक हम स्टूडेंट्स की समस्या दूर नहीं हो जाती तब तक मैं अन्न जल ग्रहण  नहीं करूँगा, उन्होंने आगे कहा कि समस्या पूरी नहीं होने तक मैं ग्वालियर से राधा रानी के दरबार मथुरा तक पद यात्रा पर जाऊंगा।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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