Gwalior News : दो महीने के लिए धारा 144 प्रभावी, बिना अनुमति धरना, जुलूस, आमसभा व प्रदर्शन पर प्रतिबंध, हथियार लेकर चलने पर भी रोक

Gwalior News : दो महीने के लिए धारा 144 प्रभावी, बिना अनुमति धरना, जुलूस, आमसभा व प्रदर्शन पर प्रतिबंध, हथियार लेकर चलने पर भी रोक

Gwalior News : ग्वालियर जिले में आने वाले दो महीनों पर धारा 144 के तहत कई प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे, ग्वालियर जिले की सीमा में बगैर पूर्व अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थल पर जुलूस, मौन जुलूस, सभा, आमसभा व धरना-प्रदर्शन आदि नहीं किया जा सकेगा साथ ही विभिन्न आयोजनों व चल समारोह इत्यादि में सार्वजनिक रूप से धारदार एवं मौथरे हथियार मसलन तलवार, लाठी, फरसा, बरछी एवं किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र आदि लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत आज शनिवार को इस आशय का आदेश जारी किया है।

ADM और SDM से लेनी होगी अनुमति 

जिला दण्डाधिकारी ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि विभिन्न आयोजनों के लिये पूर्व में ही संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) एवं एक अनुविभाग से अधिक अनुविभाग में आयोजन होने की स्थिति में संबंधित अपर जिला दण्डाधिकारी (ADM) से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।

DM के आदेश में इन पर लगा प्रतिबंध 

डीएम के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार के कट आउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग, झण्डे इत्यादि पर किसी भी धर्म, व्यक्ति, संप्रदाय, जाति या समुदाय के खिलाफ नारे या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किसी भी सार्वजनिक व निजी स्थान पर पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही किसी भी भवन व सम्पत्ति (सार्वजनिक व निजी) पर भी आपत्तिजनक भाषा और भड़काऊ नारे लिखा जाना भी प्रतिबंधित किया गया है। इसी प्रकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, वॉट्सएप, ट्विटर इत्यादि पर भी किसी भी वर्ग, धर्म एवं संप्रदाय के खिलाफ भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट करना और फॉरवर्ड करना पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।

शादी, पारिवारिक कार्यक्रमों में पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं 

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों के संबंध में विशेष परिस्थितियों में जिला प्रशासन द्वारा छूट व शिथिलता संबंधी निर्णय प्रकरण विशेष में लिया जा सकेगा। शासन व प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों सहित पारिवारिक कार्यक्रम, विवाह समारोह, बारात इत्यादि के मामले में पूर्वानुमति लिए जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन ऐसे आयोजनों में भी प्रतिबंधात्मक आदेश में उल्लेखित आपत्तिजनक गतिविधियाँ पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी धारा 188 के तहत कार्रवाई  

गौरतलब है कि नवदुर्गा महोत्सव, दशहरा व दीपावली सहित अन्य त्यौहारों और प्रस्तावित विधानसभा आम निर्वाचन को ध्यान में रखकर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने कानून व्यवस्था बनाये रखने और शांति पूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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