Gwalior News : ग्राहक के इंतजार में खड़ा तस्कर गिरफ्तार, 4 लाख रुपये की स्मैक जब्त

Gwalior News : ग्राहक के इंतजार में खड़ा तस्कर गिरफ्तार, 4 लाख रुपये की स्मैक जब्त

Gwalior News : ग्वालियर पुलिस ने एक बार फिर स्मैक तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, तस्कर ग्राहक का इंतजार कर रहा था उससे पहले ही पुलिस को मुखबिर से सूचना मिल गई और क्राइम ब्रांच एवं झांसी रोड थाना पुलिस ने उसे 4 लाख रुपये की स्मैक के साथ पकड़ लिया, पुलिस गिरफ्तार तस्कर से स्मैक लाने वाले व्यक्ति और ग्राहक के बारे में पूछताछ कर रही है।

ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है, पुलिस और उसके मुखबिर की  निगाहें हमेशा उस पर रहती हैं, इसी क्रम में एसपी को मुखबिर से  सूचना मिली कि एक व्यक्ति थाना झांसी रोड क्षेत्र में विवेकानंद नीडम रोड, रेलवे पटरी के पास मादक पदार्थ बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। मुखबिर की सूचना  मिलते ही एसपी ने एडिशनल एसपी क्राइम राजेश डण्डोतिया को उक्त व्यक्ति को पकड़ने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों के बाद क्राइम ब्रांच व थाना झांसी रोड पुलिस की संयुक्त टीम मुखबिर के बताये स्थान विवेकानंद नीडम रोड रेलवे पटरी के पास पहुंची। पुलिस टीम को मुखबिर के बताये हुलिया का एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखा, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस टीम द्वारा उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

पकड़े गये संदिग्ध का नाम पता पूछने पर उसने स्वयं को ग्राम कनासर थाना अमायन जिला भिण्ड का रहने वाला बताया।  संदिग्ध की तलाशी लेने पर उसके पास से एक प्लास्टिक की पॉलीथिन मिली जिसे खोलकर देखा गया तो उसमें स्मैक रखी हुई पाई गई। स्मैक की तौल कराने पर कुल 40 ग्राम स्मैक निकली जिसकी  कीमत लगभग 04 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने तस्कर के खिलाफ झांसी रोड थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया और उससे स्मैक का सोर्स और ग्राहक के बारे में पूछताछ की जा रही है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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