मिलावट पर नकेल, भिंड से ग्वालियर आया 10 क्विंटल मावा पुलिस ने पकड़ा, खाद्य विभाग ने जांच के लिए सेंपल भेजे

त्योहारी सीजन में मावा की मांग अचानक बढ़ जाती है, शुद्ध मावे की आड़ में व्यापारी नकली मावा मार्केट में खपाते हैं, ये हर साल होता है और इस दौरान खाद्य विभाग, पुलिस एक्शन लेती है, कई बार मिलावटी मावा कपड आ जाता है और कई बार वो बाजार में पहुंच भी जाता है।
Gwalior police caught adulterated mawa

दशहरा निकल गया है और करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली का त्यौहार आने वाला है, इस दौरान मिठाई की बढ़ती मांग को समझते हुए मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं, ग्वालियर चंबल का नकली और मिलावटी मावा माफिया ने तेजी से माल सप्लाई शुरू कर दी है लेकिन ग्वालियर पुलिस ने उनके मनसूबे पर पानी फेर दिया और भिंड से ग्वालियर बिकने  आया 10 क्विंटल मावा जब्त कर लिया, खाद्य विभाग ने मावे के सेंपल जाँच के लिए भेज दिए हैं।

त्यौहारों का समय नजदीक आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं, उनके यहाँ मावा बनाने की मात्रा बढ़ जाती है, भिंड-मुरैना के दूरस्थ इलाके में बसे गांवों में नकली मावा, नकली पनीर, नकली दूध की फैक्ट्रियां चलाई जाती है और ये यहाँ से माल तैयार कर बाजार में खपाते हैं, हालाँकि पुलिस इन्हें कई बार दबोच भी लेती है।

भिंड से ग्वालियर बिकने आया मावा  

ग्वालियर की सिरोल थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक पिक अप वाहन में भिंड एक मौ तरफ से बड़ी मात्रा में मावा ग्वालियर आया है और वो ऑटो में ट्रांसफर होकर ग्वालियर के व्यापारियों एक पास बिक्री के लिए जा रहा है सूचना मिलते ही टीम को रवाना किया।

पुलिस ने मावा भरे वाहनों को पकड़ा 

सिरोल थाना प्रभारी ने थाने की टीम को मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर भेजा तो वहां एक पिक अप (लोडिंग वाहन) और दो ऑटो मिले, मावा लेकर आने वालों ने पिक अप वाहन से ऑटो में मावा ट्रांसफर कर लिया था, पुलिस ने छापा मार कर पकड लिया, पूछताछ करने के लिए थाने ले आये।

खाद्य विभाग ने सेंपल जाँच के लिए भेजे 

पुलिस ने बताया कि चूँकि मावे असली है या मिलावटी इसकी पहचान सिर्फ खाद्य विभाग कर सकता है तो उन्हें सूचित किया जिसके बाद खाद्य अधिकारी थाने पर आये और उन्होंने मावे की सेम्पलिंग की, खाद्य अधिकारियों ने बताया कि जब्त किया मावा 10 क्विंटल है इसके सेंपल लेकर जाँच के लिए भेजा है रिपोअर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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