सावधान, हरियाणा की गैंग MP में सक्रिय, मदद के नाम पर ATM कार्ड बदलकर कर रहे ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने भागकर ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति को पकड़ लिया। नाम पता पूछने पर उसने स्वयं को ओल्ड वाटर वर्क्स वरवाला जिला हिसार हरियाणा का रहने वाला बताया। तलाशी लेने पर उसकी शर्ट की जेब में विभिन्न बैंक के 04 एटीएम कार्ड रखे मिले।
ATM Fraud

Gwalior ATM Fraud : ग्वालियर पुलिस ने हरियाणा की गैंग के एक ऐसे सदस्य को गिरफ्तार किया है जो मदद के नाम पर एटीएम में कैश निकालने आये लोगों को निशाना बनाते हैं, पुलिस ने आरोपी के पास से हरियाणा के नंबर वाली कार पकड़ी है इसका एक साथी भाग जाने में सफल हो गया जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

ग्वालियर में एक बार फिर ऐसे बदमाश सक्रिय हुए होते दिखाई दे रहे हैं जो एटीएम में घुसकर मदद का नाटक करते हैं और धोखे से कैश निकाल रहे व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदल देते हैं, ये पहले मदद का ऑफर देते हैं फिर एटीएम में कैश नहीं होने या फिर कार्ड में प्रोब्लम बता कर धीरे से दूसरा कार्ड थमा देते हैं और निकल जाते हैं, जब तक व्यक्ति कुछ समझ पाता है ये रफूचक्कर हो जाते हैं।

महिला ने उसके साथ हुए धोखे की शिकायत पुलिस में की 

बहुत समय पहले इस तरह की घटनाएँ होती रही हैं लेकिन अब एक बार फिर ऐसी ही घटना सामने आई है। दरअसल साईं नगर लाल टिपारा मुरार की रहने वाली अर्चना भदौरिया ने मुरार थाने में एक शिकायती आवेदन दिया जिसमें उन्होंने 25 दिसंबर को यादव मार्केट स्थित एसबीआई के एटीएम पर उनके साथ हुई घटना का विवरण दिया, उन्होंने इस आवेदन में बताया कि कैसे एक व्यक्ति ने धोखे से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया।

अंजान व्यक्ति ने चालाकी से बदल दिया एटीएम कार्ड 

अर्चना भदौरिया ने बताया कि उन्होंने अपने एसबीआई के एटीएम कार्ड से 5000-5000 हजार रुपये कर दो बार में  10 हजार रुपये निकाल लिये थे तीसरी बार 5000 रुपये निकलने के लिये जैसे ही वे एटीएम कार्ड को मशीन में लगाने लगी तो वहां पर खडे एक अंजान व्यक्ति ने कहा कि आप दूसरी एटीएम मशीन से पैसा निकाल लो इसमें पैसा नहीं है। इतना कहकर उसने एटीएम कार्ड लेकर दूसरी मशीन से पैसे निकालने के बहाने बातों में उलझा कर रखा और कहा कि आपके एकाउंट मै पैसा नहीं है और वह व्यक्ति वहां से चला गया।

कार्ड पर किसी दूसरे का नाम देखकर चौंक गई महिला 

थोडी देर बाद जब उन्होंने एटीएम कार्ड पर नजर डाली तो वे चौंक गई कि उनके पास मौजूद एटीएम उनका वाला नहीं था उस पर किसी और का लिखा हुआ था जबकि उनके एटीएम कार्ड पर उनके पति विजय पाल सिंह का नाम लिखा हुआ था। यानि उस अंजान व्यक्ति ने कार्ड बदल दिया था, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया।

मुखबिर की सूचना पर आरोपियों की घेराबंदी 

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ़्तारी के प्रयास शुरू किये, इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बिना नम्बर की स्विफ्ट कार जडेरुआ बांध पर संदिग्ध हालत में खड़ी है जिसमें कुछ व्यक्ति बैठे हैं जो संदिग्ध लग रहे हैं। सूचना पर पुलिस जडेरूआ बांध पहुंची उसे वहां सड़क किनारे एक सफेद रंग की बिना नम्बर की स्विफ्ट कार खडी दिखाई दी, कार में दो लोग भी बैठे थे।

पुलिस को देख एक ने दौड़ लगा दी, ड्राइविंग सीट पर बैठा आरोपी पकड़ा गया 

पुलिस को अपनी ओर आता देख उनमें से एक व्यक्ति ने कार का गेट खोलकर दौड़ लगा दी जबकि पुलिस ने भागकर ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति को पकड़ लिया। नाम पता पूछने पर उसने स्वयं को ओल्ड वाटर वर्क्स वरवाला जिला हिसार हरियाणा का रहने वाला बताया। तलाशी लेने पर उसकी शर्ट की जेब में विभिन्न बैंक के 04 एटीएम कार्ड रखे मिले।

गिरफ्तार आरोपी हरियाणा का निवासी, कार भी हरियाणा के नंबर की 

पुलिस ने जब एटीएम कार्ड चैक किये तो उसमें एक एटीएम कार्ड एसबीआई बैंक का मिला, जिस पर विजय पाल सिंह नाम लिखा हुआ था। पुलिस टीम ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने 25 दिसंबर को दिन में एसबीआई के एटीएम में एक महिला से ठगी करने के उद्देश्य से एटीएम कार्ड बदलकर चोरी करना बताया। पुलिस ने आरोपी के पास मिली स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया आरोपी ने उसका नंबर आरोपी ने एचआर-80-ए-2211 बताया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर उससे अन्य वारदात और उसके साथी के बारे में पूछ ताछ कर रही है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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