Hindi News

हाईकोर्ट का आदेश, “आर्य समाज में होने वाली शादियां अवैध,” बनाए गाइडलाइन”

Written by:Gaurav Sharma
Published:
हाईकोर्ट का आदेश, “आर्य समाज में होने वाली शादियां अवैध,” बनाए गाइडलाइन”

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आर्य समाज के मंदिरों में होने वाली शादियों को अवैध ठहराने के एकल बेंच के निर्णय पर मुहर लगा दी है। बेंच ने आर्य समाज मंदिर में होने वाली शादियों को समाज को दूषित करने वाला बताया है। आर्य समाज मंदिरो को विवाह के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश एकल बेंच के निर्णय ने दिए थे।

यह भी पढ़ें…कचरे के ढेर का फोटो दिलाएगा 51 रू का ईनाम, जानिए कैसे

ग्वालियर के प्रदीप राणा ने हुरावली के मूल शंकर आर्य समाज वैदिक संस्था के माध्यम से प्रेम विवाह किया था और संस्था ने उसे विवाह का प्रमाण पत्र दिया था। इसके बाद उसने अपने परिजनों से खतरा बताते हुए कोर्ट में विवाह का प्रमाण पत्र पेश करते हुए सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उसकी शादी को अवैध घोषित कर दिया था और साथ ही संस्था को भी प्रतिबंधित कर दिया था।

मामा और नानी ने बनाया नाबालिग को चोर, शादी वाले घर में की चोरी

कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा था कि इस संस्था में होने वाले विवाहो की जांच होनी चाहिए और साथ ही आर्य समाज मंदिर में होने वाले विवाहो के लिए गाइडलाइन भी बनाई जानी चाहिए। इस गाइडलाइन में विवाह करने वाले युवक युवती के माता-पिता को सूचना देने का नियम भी शामिल होना चाहिए। इस आदेश के तहत आर्य समाज मंदिरों को एक महीने के अंदर अपने नियमों में बदलाव करना था। एकल बेंच के इस निर्णय को 9 दिसंबर 2020 को चुनौती देते हुए डबल बेंच में रिट अपील दायर की गई थी और संस्था ने तर्क दिया कि उनकी संस्था विवाह कराने का काम करती है अग्नि के फेरे कराकर विवाह कराती है। लेकिन उनके खिलाफ गलत आदेश पारित कर दिया गया है। संस्था के तर्कों से असहमत होते हुए डबल बेंच ने आर्य समाज मंदिरों में होने वाली शादियों और उनसे सामाजिक व्यवस्था के दूषित होने की बात कही है। हाई कोर्ट का कहना है कि यह संस्थाएं जाति, धर्म और उम्र नहीं देख रही है और शादियां करा रही है और ऐसा लग रहा है कि यह संस्थाएं शादी की दुकानें बनती जा रही है। विशेष विवाह अधिनियम के तहत किसी को भी विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। इसके लिए अथॉरिटी निर्धारित है जिस पर प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार होता है। इस तरह डबल बेंच ने एकल पीठ के आदेश को सही ठहराया।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews