“संकटमोचक” का ग्वालियर दौरा, दिग्गजों से होगी मुलाकात, तालमेल बैठाना बड़ा जिम्मा

नरोत्तम मिश्रा

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

प्रदेश में प्रस्तावित 24 विधानसभा सीटों(24 assembly seats) पर उपचुनावों (by election) के लिए लॉक डाउन(lockdown) के बीच सियासत अनलॉक(unlock) होना शुरू हो गई है। बयानबाजी के बाद अब मैदानी जंग की तैयारी होने लगी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के भाजपा जॉइन (BJP Join) करने के बाद और 24 में से 16 सीटें ग्वालियर चंबल (Gwalior Chambal)से होने के कारण सरकार(shivraj sarkar) और विपक्ष दोनों की निगाहें इसी अंचल पर टिकी हैं। लेकिन सिंधिया के गढ़ में हमेशा सिंधिया को घेरने वालों को अब उनके साथ काम करने के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती है और इसका जिम्मा पार्टी ने दिया है सरकार के संकटमोचक यानि डॉ नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) को। वे रविवार को ग्वालियर दौर (Gwalior Round) पर आ रहे हैं और यहाँ दिग्गजों से वन टू वन चर्चा करेंगे।

ग्वालियर चंबल अंचल को जहाँ ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ कहा जाता है वहीं ये भारतीय जनता पार्टी को गढ़ने वाली राजमाता विजया राजे सिंधिया यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी की कर्मभूमि भी है। भाजपा इसी अंचल से फली फूली और पूरे विश्व तक पहुंची। कहने का मतलब ये है कि प्रदेश से लेकर देश तक की राजनीति कहीं ना कहीं ग्वालियर से प्रभावित होती ही है। चाहें सत्ता के केंद्र में भाजपा हो या कांग्रेस, ग्वालियर उसका बड़ा केंद्र रहता है। इस बार भी जब कांग्रेस की सरकार प्रदेश से बिदा हुई तो उसमें भी ग्वालियर चंबल ने बड़ी भूमिका निभाई। कांग्रेस छोड़कर 22 विधायकों के लाव लश्कर के साथ “महाराज” गए तो उसमें से 16 ग्वालियर चंबल के ही थे। अब इन सबके भाजपा में शामिल हो जाने के बाद भाजपा के पुराने और स्थापित नेताओं में बेचैनी है। उन्हें अपने राजनैतिक भविष्य पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है, उनके नाराज और रूठने की खबरें सरकार और संगठन तक पहुँच रही हैं । अब उप चुनाव से पहले भाजपा पार्टी के पुराने नेताओं को भरोसे में लेना चाहती है जिससे चुनावों में उनका बेहतर उपयोग कर सकें और उनके अनुभव का लाभ लेकर उपचुनाव में अधिक सीटें जीतकर सरकार में बने रहे। पार्टी ने इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को सौंपी है। वे आज रविवार की देर शाम ग्वालियर पहुँच रहे हैं।

पार्टी के चार दिग्गजों नेताओं से उनके निवास पर करेंगे चर्चा

सरकार के लिए हमेशा संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले डॉ नरोत्तम मिश्रा अपने सौम्य व्यवहार के कारण अपनी बात सामने वाले तक अच्छे से पहुंचाने में सक्षम है इसलिए संगठन विषम परिस्थितियों में इनको ही डेमेज कंट्रोल का जिम्मा सौंपती है। तय कार्यक्रम के मुताबिक डॉ नरोत्तम मिश्रा रविवार 7 जून को भोपाल से सड़क मार्ग से चलकर दतिया डबरा में कार्यक्रमों में शामिल होकर देर शाम ग्वालियर पहुंचेंगे। वे सबसे पहले 7:15 बजे पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद अनूप मिश्रा से मुलाकात करेंगे । यहाँ आधा घंटे चर्चा करने के बाद 7:45 बजे वे पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के घर पहुंचकर उनसे चर्चा करेंगे। यहाँ आधा घंटे चर्चा के बाद डॉ मिश्रा 8:15 बजे पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया से उनके निवास पर चर्चा करेंगे। यहाँ भी आधे घंटे चर्चा करने के बाद वे पूर्व मंत्री माया सिंह के निवास पर उनसे चर्चा करेंगे। आधा घंटा माया सिंह से चर्चा करने के बाद मंत्री डॉ मिश्रा 9:15 बजे संघ कार्यालय पहुंचेंगे उसके बाद 9: 45 बजे अपने बड़े भाई आनंद मिश्रा के सरकारी आवास पर पहुंचेंगे। यहाँ कुछ देर विश्राम करने के बाद रात 11:30 बजे सड़क मार्ग से ही भोपाल के लिए रवाना हो जायेंगे।

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