केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने दौरे के दूसरे दिन ग्वालियर शहर की विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए , उन्होंने महाराज बाड़े पर बन रही मल्टीलेवल पार्किंग सहित शहर की बहुप्रतीक्षित एवं प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड के कार्य का निरीक्षण किया, एलिवेटेड रोड के कार्य की प्रगति की देखकर सिंधिया खुश हुए और उन्होंने कहा ये एलिवेटेड रोड नहीं एलिवेटेड हाइवे है।
सिंधिया ने आज ग्वालियर में स्वर्ण रेखा नदी के ऊपर बन रही एलिवेटेड रोड के फेज-2 का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। अप्रैल में एलिवेटेड रोड फेज-1 की समीक्षा के बाद आज सिंधिया ने फेज-2 का निरीक्षण करते हुए सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।
ये ग्वालियर के लिए बड़ी सौगात है, सपना साकार हो रहा
सिंधिया ने ग्वालियर दक्षिण विधानसभा ने फेज 2 के कार्य को देखते समय रोड के आसपास बने घरों से झांकते लोगों का अभिवादन किया, उन्होंने अधिकारियों से पूरे प्लान को मैप पर देखा और उसे समझा, सिंधिया ने निरीक्षण के बाद एलिवेटेड रोड पर मीडिया से बात की और कहा जो सपना देखा था आज वो साकार होता दिखाई दे रहा है, उन्होंने कहा ये एलिवेटेड रोड नहीं एलिवेटेड हाइवे है ये ग्वालियर के लिए बड़ी सौगात है ग्वालियर का गौरव है।
PM Modi, गडकरी और सीएम डॉ मोहन यादव को दिया धन्यावद
सिंधिया ने कहा 2020 में मैंने इसके लिए डीपीआर तैयार कराई थी और फिर काफी जद्दोजेहद और संघर्ष मेहनत के बाद ये परियोजना को हरी झंडी मिली, उन्होंने कहा ये ग्वालियर के लिए असंभव कार्य था लेकिन जब इसे सबने मिलकर किया तो असंभव भी संभव हो गया, उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम डॉ मोहन यादव को धन्यवाद दिया।
महाराज बाड़ा मल्टीलेवल पार्किंग में पानी निकासी पर फोकस के निर्देश
सिंधिया ने महाराज बाड़े पर बन रही मल्टी लेवल पार्किंग का भी निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा विशेष रूप से बेसमेंट-3 में पानी की समस्या और उसकी निकासी की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे विषय का समग्र एवं तकनीकी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी के आउटलेट और निकासी व्यवस्था का ऐसा स्थायी एवं सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। बता दें स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना से महाराजा बाड़ा क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।






