राजस्थान से भोपाल भेजा जा रहा ढाई लाख रुपये का मावा ग्वालियर में पकड़ा

राजस्थान से भोपाल भेजा जा रहा ढाई लाख रुपये का मावा ग्वालियर में पकड़ा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। त्योहारी सीजन निकल जाने जे बाद भी नकली मावा बनाने वाले सक्रिय है और बड़ी मात्रा में इसका प्रोडक्शन कर इसकी सप्लाई कर रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने बस के माध्यम से भोपाल जा रहा 840 मावा पकड़ा है,इसकी कीमत ढल लाख रुपये के करीब है।

तस्करों और नकली सामान, नकली खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ ग्वालियर पुलिस की मुहिम जारी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर अमित सांघी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बड़ी मात्रा में मावा बस के जरिये धौलपुर से भोपाल भेजा जा रहा है जो आज ग्वालियर में मुख्य बस स्टेण्ड पर शरद ट्रैवल्स की बस में लोड किया जायेगा।

सूचना के बाद एसपी ने एडिशनल एसपी क्राइम राजेश डण्डोतिया को एक्शन के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी दंडोतिया ने खाद्य विभाग के निरीक्षक राजेश गुप्ता के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को कार्यवाही हेतु मुखबिर के बताये स्थान  बस स्टैंड पर भेजा।

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क्राइम ब्रांच की टीम ने खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बस स्टैंड पर खड़ी शरद ट्रेवल्स की बस की तलाशी ली। तलाशी में पुलिस एवं खाद्य विभाग की टीम को बस के अंदर 21 डलिया मावा मिला जिसका कुल वजन  840 किलो निकला। टीम ने इसे जब्त कर लिया। पकड़े गए मावे की कीमत 02 लाख 52 हजार रुपये बताई गई है।

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बस संचालक से मावा के संबंध में पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त मावा धौलपुर निवासी मावा व्यापारी का होना बताया। खाद्य विभाग की टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर जब्त किये मावे के सेंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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