ग्वालियर में बदमाशों के हौसले बुलंद, पुलिसकर्मी के साथ की लूट, रोकने पर उसे 1 किलोमीटर तक कार से घसीटा

जनसुनवाई में एक पुलिसकर्मी के लूट की घटना की शिकायत लेकर पहुँचने के बाद वहां मौजूद लोग आपस में बातें कर रहे थे कि जब बदमाश पुलिस को ही नहीं छोड़ रही तो सामान्य जनता के साथ रोज कितनी घटनाएँ होती होंगी?
Policeman robbed in Gwalior

Gwalior News : ग्वालियर में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका प्रमाण वे समय समय पर देते रहते हैं , आज बदमाशों ने एक बार फिर अपनी ताकत का अहसास कराने एक पुलिसकर्मी को ही निशाना बना दिया और उससे 10 हजार रुपये कैश और एटीएम लूटकर फरार हो गए, पीछे दौड़े पुलिसकर्मी को कुछ दूर तक घसीटा और फिर छोड़कर फरार हो गए,  बदमाशों ने बाद में लुटे गए एटीएम कार्ड से 20 हजार रुपये भी निकाल लिए।

पुलिस की जनसुनवाई में आज सुबह एसपी ऑफिस में एक पुलिसकर्मी ही आवेदन लेकर पहुंचा तो वहां बैठे अधिकारी  चौंक गए, पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक है और एसडीओपी बेहट मनीष यादव का ड्राइवर है उसके हाथ में एक आवेदन था जिसमें उसके साथ घटी घटना की शिकायत थी।

प्रधान आरक्षक से कैश और एटीएम कार्ड छीनकर फरार 

पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक नरेंद्र कुमार पलिया ने बताया कि वो आज सुबह झाँसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चन्द्रबदनी में SBI की ATM से कैश निकाल रहा था, उसने 10 हजार रुपये निकाले उसी समय वहां एक युवक आया, जैसे ही वो बाहर निकले पहले से बाहर खड़े युवकों ने उसपर अटैक किया और हाथ में मौजूद 10 हजार रुपये और ATM कार्ड छीने और भाग गए। बाद में बदमाशों ने नरेंद्र के एटीएम कार्ड से 20 हजार रुपये और निकाल लिए।

पीछा किया तो कार के बोनट पर एक किलोमीटर घसीटा 

नरेंद्र में बताया कि उसने बदमाशों का कुछ दूर तक पीछा किया उसने आवाजें लगाई बदमाशों की कार को रोकने के प्रयास किया तो वो उसे बोनस पर काफी दूर तक करीब 1 किलोमीटर तक घसीटते ले गए और फिर छोड़कर भाग गए, उसने तत्काल घटना की सूचना अपने साहब एडीओपी बेहट मनीष यादव को दी, मनीष यादव ने कंट्रोल रूम को सूचना दी जिसके बाद शहर के सभी पॉइंट्स पर नाकाबंदी कर दी गई और कुछ ही देर में आरोपी पकड़ लिए गए।

पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किये 

पुलिसकर्मी के मुताबिक घटना में पांच बदमाश शामिल थे लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना में दो बदमाशों का हाथ दिखाई दे रहा है उन्हें गिरफ्तार किया गया है जाँच की जा रही है यदि उनके कोई सहयोगी होंगे तो उन्हें भी एफआईआर में शामिल किया जायेगा।

बहरहाल जनसुनवाई में एक पुलिसकर्मी के लूट की घटना की शिकायत लेकर पहुँचने के बाद वहां मौजूद लोग आपस में बातें कर रहे थे कि जब बदमाश पुलिस को ही नहीं छोड़ रही तो सामान्य जनता के साथ रोज कितनी घटनाएँ होती होंगी? खैर अच्छी बात ये रही कि पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए आरोपियों को तत्काल दबोच लिया।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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