MP News : सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलंबित, ये है कारण

20 कर्मचारी निलंबित टीकमगढ़

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। इंदौर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी को आबकारी आयुक्त ने निलंबित (Suspended) कर दिया है। आबकारी आयुक्त मध्य प्रदेश मुख्यालय ग्वालियर से इस आशय का पत्र आज 4 अगस्त गुरुवार को जारी किया गया।

आबकारी आयुक्त के हस्ताक्षर से जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि 3 अगस्त 2022 इंदौर संभाग के उड़नदस्ता प्रभारी , आबकारी उपायुक्त एवं कलेक्टर इंदौर के कारण बताओ नोटिस से पता चला है कि इंदौर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं ठेका शाखा प्रभारी राजीव उपाध्याय ने मदिरा एकल समूह IND -5 एमआईजी के वर्ष 2022-23 के लाइसेंसी निक महुआ टीवी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड डायरेक्टर मोहन कुमार द्वारा उस समूह के लिए स्वीकृत टेंडर ऑफर का 5 प्रतिशत वार्षिक लाइसेंस फ़ीस का बकाया जमा नहीं कराया।

 ये भी पढ़ें – मूंग खरीदी को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, कलेक्टर्स को दिए ये निर्देश

राजीव उपाध्याय ने वार्षिक लाइसेंस की शेष राशि के लिए लाइसेंसी द्वारा कमा कराई गई एफडीआर और सिक्युरिटी मनी के लिए जमा कराई गई एफडीआर का तत्काल सत्यापन नहीं कराया। बाद में जब जारीकर्ता बैंक से दोनों एफडीआर का सत्यापन कराया गया तो वे फर्जी निकलीं। बार बार कहे जाने पर भी सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने मांगी गई सही जानकारी सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय इंदौर में नहीं भेजी जिससे उक्त लाइसेंसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा सकी।

ये भी पढ़ें – महिला कांस्टेबल ने थाना प्रभारी पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, एफआईआर हुई दर्ज

आदेश के अंत में लिखा गया है कि सहायक जिला आबकारी अधिकारी इंदौर राजीव  उपाध्याय (Assistant District Excise Officer Indore Rajeev Upadhyaya suspended) का उक्त कृत्य पदीय दायित्व एवं शासन के राजस्व के प्रति घोर लापरवाही प्रदर्शित करते हैं इसलिए राजीव उपाध्याय को मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विभिन्न नियमों के तहत निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय    आबकारी आयुक्त मुख्यलय ग्वालियर रहेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews