Hindi News

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देंगीं “कृषि सखी”, किसानों को बतायेंगी तरीके और फायदे, मिलेगा लाभ

Written by:Atul Saxena
Published:
Last Updated:
ग्वालियर जिले में 125 किसानों के 25 क्लस्टर तैयार किए गए हैं। इन क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जाएगी। प्राकृतिक खेती के लिये चयनित ग्रामों में 50 कृषि सखी के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे प्राकृतिक खेती के रकवे में वृद्धि होगी। 
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देंगीं “कृषि सखी”, किसानों को बतायेंगी तरीके और फायदे, मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश में खेती के रकबे में वृद्धि देखी जा रही है, प्रदेश सरकार कई बार इस तरह के आंकड़े दे चुकी है, सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है,  “राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन” के माध्यम से अलग अलग तरह के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदे बताये जा रहे हैं, इसी क्रम में एक नवाचार “कृषि सखी” के रूप में होने जा रहा है।

जी हाँ,अब ग्वालियर जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में “कृषि सखी” महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगीं। सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अंचल की प्रगतिशील महिलाओं को “कृषि सखी” के रूप में चिन्हित कर उन्हें जैविक खेती की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। इस कड़ी में ग्वालियर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव की मौजूदगी में  प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर जिले भर से आईं कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती करने के गुर सिखाए गए।

कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर ग्वालियर में प्राकृतिक खेती विषय पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ प्राकृतिक खेती करने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दे रहे हैं। बता दें प्राकृतिक खेती के लिये चयनित जिले के ग्रामों में 50 कृषि सखी चिन्हित की गई हैं। इन सभी कृषि सखी  के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिये प्रशिक्षित किया जाएगा, इससे ग्वालियर जिले में प्राकृतिक खेती के रकवे में वृद्धि होगी।

“राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन” के माध्यम से मिल रहा बढ़ावा 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद जिला पंचायत की अध्यक्ष दुर्गेश जाटव ने कहा कि खेती में लगातार कीटनाशक तथा रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से भूमि खराब हो रही है। उन्होंने आह्वान किया कि सरकार द्वारा “राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन” के माध्यम से जैविक यानि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले के किसान इस मिशन का लाभ उठाकर जैविक खेती अपनायें। उन्होंने कृषि सखियों से अपने-अपने गाँव में प्राकृतिक खेती की अग्रदूत बनने का आह्वान किया।

जैविक खेती को बढ़ावा देने 125 किसानों के 25 क्लस्टर तैयार

अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. तोमर ने जानकारी दी कि प्राकृतिक विधि से पैदा की गई उपज की बाजार में बड़ी मांग है। इसलिए प्राकृतिक खेती अपनायें। उन्होंने भरोसा जताया कृषि सखियों का यह प्रशिक्षण जिले में प्राकृतिक खेती को बढावा देने में अहम भूमिका अदा करेगा। उप संचालक कृषि सह परियोजना संचालक “आत्मा” ग्वालियर आरबीएस जाटव ने बताया कि जिले में 125 किसानों के 25 क्लस्टर तैयार किए गए हैं। इन क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जाएगी। प्राकृतिक खेती के लिये चयनित ग्रामों में 50 कृषि सखी के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे प्राकृतिक खेती के रकवे में वृद्धि होगी।

कृषि वैज्ञनिक ने बताए जैविक विधि से कीट नियंत्रण के तरीके

कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर प्रमुख वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने कृषि सखियों को जैविक विधि से कीट नियंत्रण की विधियों के बारे में बताया। साथ ही नीमास्त्र, दशपर्णीअर्क व मटका छाच आदि के वारे में जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शरद कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती से निर्मित उत्पादों की बाजार व्यवस्था के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ रश्मी बाजपेयी ने प्राकृतिक विधि से उद्यानिकी फसलें उगाने की विधि पर विस्तार से चर्चा की। बीटीएम आत्मा मलखान सिंह गहलो ने कृषि सखियों को जीवामृत बनाने की विधि को विस्तार पूर्वक बताया।