जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर की नई पहल, बनाये “पिंक डिपार्टमेंट”, पढ़ें पूरी खबर

जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर की नई पहल, बनाये “पिंक डिपार्टमेंट”, पढ़ें पूरी खबर

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर  के जीवाजी विश्वविद्यालय (Jiwaji University Gwalior) ने महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की सुविधा दोनों भावों  को जोड़ते हुए के नई पहल की है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पिंक डिपार्टमेंट बनाने का फैसला लिया है।  इन विभागों में केवल महिला स्टाफ होगा, यानि इस विभाग में एक भी पुरुष कर्मचारी नहीं होगा, सभी जिम्मेदारियां महिलाएं ही निभाएंगी। ये कदम उठाकर जीवाजी विश्वविद्यालय महिला सशक्तिकरण (women empowerment) की दिशा में पहल करने वाला मध्य प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।

जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर अविनाश तिवारी ने पिछले दिनों बैठक में अपनी मंशा जाहिर की थी कि कुछ डिपार्टमेंट ऐसे होने चाहिए जिसे केवल महिलाएं ही संभालें। कुलपति की मंशा अब साकार रूप ले रही है, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दो विभाग पूछताछ विभाग और विकास विभाग को “पिंक डिपार्टमेंट” (Jiwaji University Gwalior “Pink Department”) बना दिया है।

अब से इन दोनों विभागों की जिम्मेदारी महिलाएं ही उठाएंगी, यानि इन दोनों विभागों में अब एक भी पुरुष कर्मचारी पदस्थ नहीं होगा। यहाँ विभाग प्रमुख से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक सभी महिलाएं ही होंगी। विश्व विद्यालय के  फैसले से विकास विभाग में पदस्थ असिस्टेंट रजिस्ट्रार साधना शर्मा बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि इस पहल ने महिलाओं को खुद को साबित करने का मौका दिया है और हम अपनी सकारात्मक सोच के साथ सभी चुनौतियों को पार करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उधर विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव राजेंद्र बघेल ने कहा कि ये प्रयोग सफल होता है तो अन्य विभागों के बारे में फैसला लिया जायेगा।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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