Gwalior News : रोते हुए पुलिस के पास पहुंचे बूढ़े माता पिता, बोले – मारता है बेटा, बचा लो साहब

Gwalior News : रोते हुए पुलिस के पास पहुंचे बूढ़े माता पिता, बोले – मारता है बेटा, बचा लो साहब

Gwalior News : ग्वालियर में पुलिस की जनसुनवाई में आज ऐसे बूढ़े माता पिता पहुंचे जो बेटे के सताए हुए थे, जिन्होंने मन्नतें मांगकर बेटे की चाहत पूरी की थी वहीं आज बेटे को सजा दिलाने और उससे बचाने के लिए पुलिस के पास पहुंचे हैं। 75 साल के पिता और 70 साल की माँ ने रोते हुए पुलिस से कहा कि साहब मेरे शराबी बेटे से बचा लो।

ग्वालियर एसपी ऑफिस कार्यालय में आज जनसुनवाई में बुजुर्ग पति पत्नी पहुंचे, उनके हाथ में एक आवेदन था जिसमें उनके साथ हो रहे अत्याचार की कहानी थी, 75 साल के राजाराम, अपनी पत्नी 70 वर्षीय केतुका बाई के साथ नूरगंज ग्वालियर में रहते हैं, मकान उनका खुद का है वे कागज के लिफाफे बनाकर जीवन चलाते हैं।

एसपी ऑफिस में पहुंचे बुजुर्ग दम्पति ने बताया कि उनका बेटा धनीराम शराब पीता हैं, शराब पीकर घर आता है और उनके साथ मारपीट करता हैं, चाकू से हमला करने की कोशिश करता हैं, मोहल्ले वालों को बीच बचाव करना पड़ता हैं, पैसे मांगता है घर से निकल जाने की लिए कहता हैं, उन्होंने बताया कि बेटा कहता है तुमने घर खाली नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा।

राजाराम ने कहा कि उन्होंने पुलिस में 26 फरवरी को शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, 15 अप्रैल को बेटा फिर शराब पीकर आया , गालियाँ बकीं और मारपीट की, हम मानसिक रूप से परेशान हैं हमें बचा लीजिये। आवेदन लेने के बाद एडिशनल एसपी राजेश डंडोतिया ने बताया कि पहले इन लोगों को बैठकर काउंसलिंग की जाएगी फिर भी यदि मामला नहीं सुलझा तो मामला दर्ज किया जाकर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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