कृषि बिल का विरोध, किसानों ने घेरी कमिश्नरी, बिल वापस होने तक लड़ाई जारी रखने का लिया संकल्प

कृषि बिल का विरोध, किसानों ने घेरी कमिश्नरी, बिल वापस होने तक लड़ाई जारी रखने का लिया संकल्प

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| कृषि बिल को लेकर आज देशभर में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं| इसी क्रम में आज ग्वालियर में हजारों की संख्या में किसानों ने कमिश्नरी का घेराव किया, तथा कानून वापिस होने तक संघर्ष जारी करने का संकल्प पारित किया गया |

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के तहत आयोजित कार्यक्रम के संयोजक अखिलेश यादव ने बताया की संसद में अलोकतांत्रिक ढंग से किसान बिल का पारित किए जाने से देश भर के किसानों में आक्रोश भड़क गया है, आज इस आंदोलन के पहले चरण में ग्वालियर में किसान जनता ने फूलबाग से रैली निकालकर मोतीमहल कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया|

सभा मे वक्ताओं ने कहा कि किसान बिल खेती औऱ किसानी को बर्बाद कर देगा, इसमे न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई गारंटी नही है, इस बिल से देशी बिदेशी कंपनियों को खेती और जमीन पर कब्जा करने का अवसर मिल जाएगा, इसलिए जब तक यह बिल वापिस नही लिया जाता तबतक इस बिल का विरोध जारी रहेगा| कार्यक्रम संयोजक अखिलेश यादव के मुताबिक आगामी दिनों में बैठक करके आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी|

आज के इस प्रदर्शन को पूर्व विधायक बृजेन्द्र तिवारी, डॉ सुनीलम, जिला पंचायत सदस्य पप्पन यादव, गुलाब सिह किरार, वीरपुर बांध बचाओ संघर्ष समिति के सुग्रीव सिंह कुशवाह मध्यप्रदेश किसान सभा के रामबाबू जाटव, रामकिशन सिंह कुशवाह, आदि ने संचालन किया , सभा का संचालन अखिलेश यादव द्वारा किया गया| इस आंदोलन को समर्थन देने सीटू के प्रदेश अध्यक्ष राम विलास गोस्वामी, महिला नेत्री प्रीति सिंह, छात्र नेता आकांशा धाकड़, ओ बी सी महासभा से विजय कुमार, आदि भी आंदोलन में शामिल हुए थे|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews