रिटायर्ड फौजी के बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर की फायरिंग, लोगों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले

रिटायर्ड फौजी के बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर की फायरिंग, लोगों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले

ग्वालियर।

शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम में एक रिटायर्ड फौजी के बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। गनीमत ये रही कि जिस युवक को निशाना बनाकर गोली चलाई गई वो बच गया और गोलियां दीवार में धंस गई। सरेआम गोलियां की आवाज से आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और उन्होंने युवकों को पकड़ लिया और पुलिस को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। पुलिस ने युवकों को गिरफ्तार कर रिवॉल्वर बरामद कर लिया।

महाराजपुरा थाना टी आई आसिफ मिर्जा बेग के मुताबिक हजीरा क्षेत्र में रहने वाले अरविंद तोमर का वैभव इंक्लेव आदित्यपुरम निवासी अशोक सिंह गुर्जर से कोई विवाद चल रहा है। रविवार को दिन में दोनों के बीच मुँहवाद हुआ और रात को अरविंद का बेटा अभिनव तोमर अपने दोस्त शुभम शर्मा को लेकर पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर अशोक के घर पहुँच गया और उसने अशोक को टारगेट कर गोलियां चला दी। गनीमत ये रही कि अशोक बच गए और गोलियां दीवार में धंस गई। अचानक गोलियों की आवाज सुनकर लोग इकट्ठे हो गए । युवकों ने भागने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने दोनो को पकड़ लिया और पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया। पुलिस ने युवकों से एक बाइक और रिवॉल्वर बरामद की है। पुलिस ने दोनो युवकों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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