सड़क बनी तालाब, स्थानीय लोगों का जीना मुहाल, गंदे पानी में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक, प्रशासन को दी चेतावनी

ग्वालियर के शंकरपुर में सड़क पर पानी भरा हुआ है,पानी निकास की कोई व्यवस्था नहीं है बारिश में सड़कें तालाब बन गई है, नगर निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
Gwalior Congress MLA protests in dirty water

Gwalior Congress MLA protests in dirty water

ग्वालियर नगर निगम को लोग ऐसे ही नरक निगम नहीं कहते ..वजह है यहाँ लापरवाह अधिकारियों को भरमार ..जिन्हें ना तो शहर की फ़िक्र है ना शहरवासियों की चिंता… लगातार सड़कों के धंसने से पूरे देश में बदनामी झेल रहा ग्वालियर नगर निगम के इंजीनियरों के कार्यकुशलता तो समझ ही रहा है अब जरा अन्य विभागों में बैठे अफसरों की गंभीरता को भी समझ लेते हैं.. मामला ग्वालियर नगर निगम के वार्ड नंबर 64 के शंकरपुर क्षेत्र का है जहाँ सड़क तालाब बन चुकी है।

ग्वालियर नगर निगम का वार्ड नंबर 64 ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आता है, शहर में पिछले दो तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने इस क्षेत्र में नगर निगम के इंतजामों की पोल खोल दी है, यहाँ की एक मुख्य सड़क तालाब बन चुकी है बारिश के चलते घुटनों तक पानी भरा हुआ है, लोगों का कहना है कि यहाँ हर साल बारिश में यही हालात हो जाते हैं कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारी धयान नहीं देते।

लोगों के साथ कांग्रेस विधायक भी बैठे धरने पर 

बारिश के चलते सड़क पर पानी भर गया है लोगों का निकलना मुश्किल है स्थानीय लोगों ने नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी को फोन किये लेकिन जब कोई रिस्पोंस नहीं मिला तो वे गंदे पानी में धरना पर बैठ गए, स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक कांग्रेस नेता साहब सिंह गुर्जर को फोन लगाया और उन्हें बुलाया , जब विधायक ने लोगों को धरने पर बैठा देखा तो खुद भी गंदे पानी में धरने पर बैठ गए।

विधायक बोले निगम के अधिकारी नहीं सुनते 

विधायक ने कहा मैंने पूर्व नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय को कई पत्र लिखे यहाँ के हालत भी बताये लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया उनके तबादले के बाद नए कमिश्नर अभिषेक चौधरी मंगलवार को ही आये हैं उन्हें भी फोन पर जानकारी दी है, उन्होंने कहा दो दशकों से यही हालात है, मैं भी विधायक बनने के बाद से लगातार इस समस्या को उठा रहा हूँ लेकिन कोई नहीं सुन रहा इसलिए मजबूरी में रक्षाबंधन वाले दिन गंदे पानी में बैठा हूँ, उन्होंने चेतावनी दी कि मैं तब तक नहीं उठूँगा जब तक मुझे निगम के अधिकारी यहाँ आकर लिखित में आश्वासन नहीं दे देते कि कब तक समस्या का निराकरण हो जायेगा।

बाइक, ऑटो ख़राब हो रहे , स्कूल बस नहीं आ रही 

धरने पर बैठे और समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब एक महीने से स्कूल बसें अन्दर नहीं आ रही, उनकी पढाई प्रभावित हो रही है, बाइक ख़राब हो रही है, पानी में ख़राब हो चुकी स्सदक पर गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं एक ऑटो चालक ने कहा कि वो 300 रुपये रोज कमाता है लेकिन पानी में उसकी ऑटो ख़राब होगी अब 30 हजार रुपये लग रहे हैं इसकी कौन जिम्मेदारी लेगा, लोगों ने कहा हम धरने से तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी सड़क की समस्या दूर नहीं हो जाती।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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