
Protest against corruption in JU Gwalior : जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेजों को सम्बद्धता देने में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे जीवाजी विश्व विद्यालय के पूर्व मानसेवी शिक्षक, आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ अरुण कुमार शर्मा ने आज एक अनोखा प्रदर्शन किया, उन्होंने ग्वालियर की तेज गर्मी और 43 डिग्री तापमान के बीच सड़क पर लुढ़कते हुए और दंडवत करते हुए विरोध जताया।
पिछले 14 सालों से जीवाजी विश्व विद्यालय के भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत से कागजों में चल रहे मुरैना के फर्जी झुंडपुरा कॉलेज का खुलासा करने वाले डॉ अरुण कुमार शर्मा 43 डिग्री तापमान और तपती सड़क पर दंडवत करते हुए, लुढ़कते हुए विश्वविद्यालय पहुंचे, उन्होंने यहाँ भ्रष्टाचार का मटका फोड़ा और विरोध स्वरुप अपना मुंडन भी कराया।
बता दें ग्वालियर का जीवाजी विश्व विद्यालय मध्य प्रदेश का इकलौता विश्व विद्यालय है जिस NAAC से A डबल प्लस का दर्जा प्राप्त है लेकिन ये भ्रष्टाचार के मामले में भी प्रदेश में भी नंबर एक है, पिछले दिनों कॉलेजों को सम्बद्धता देने के मामले में भी बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ जिसमें EOW में 18 प्रोफेसर्स पर मामला दर्ज हुआ जिसके बाद कुलगुरु अविनाश तिवारी को अपने पद से हाथ धोना पड़ा।
लुढ़कते, दंडवत करते प्रदर्शन, भ्रष्टाचार का मटका फोड़ा
अब एक बार फिर से डॉ अरुण कुमार शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है, ग्वालियर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उन्होंने आज गुरुवार को तपती सड़क पर दंडवत करते हुए और लुढ़कते हुए प्रदर्शन किया, वे कुलगुरु बंगले से इसी अवस्था में यूनिवर्सिटी पहुंचे, डॉ अरुण शर्मा ने विश्व विद्यालय पहुंचकर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के नाम का मटका फोड़ते हुए अपना मुंडन करवाया।
खोली जीवाजी विश्व विद्यालय के भ्रष्टाचार की पोल
मीडिया से बात करते हुए डॉ अरुण शर्मा ने कहा कि जीवाजी यूनिवर्सिटी ने 416 कॉलेज को मान्यता दी है लेकिन इन कॉलेज में सिर्फ 14 प्रिंसिपल, 31 टीचर और 1लाख 80 हजार छात्र हैं, इस सूची को देखकर भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है, उन्होंने कहा कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य को ई-मेल और पत्र के द्वारा जानकारी दी गई लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया।
बताया क्या होगा अगला कदम
डॉ अरुण कुमार शर्मा ने कहा आज भी मैं ज्ञापन देने आया हूं लेकिन कुलगुरु और कुलसचिव दोनों ही गायब हैं, लेकिन मेरा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा, उन्होंने कहा आंदोलन की अगली कड़ी शहर के 66 वार्डों तक पहुंचना है जहां जीवाजी यूनिवर्सिटी में चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में उन अभिभावकों को बताया जाएगा जिनके बच्चे जीवाजी यूनिवर्सिटी से मान्यता पाने वाले कॉलेजों में अध्ययन कर रहे हैं।
[dgv_vimeo_video id=”1080519378″]
[dgv_vimeo_video id=”1080519489″]
[dgv_vimeo_video id=”1080519565″]
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

