सास और साले की प्रताड़ना से परेशान रेलवे अधिकारी ने पीया जहर, हालत गंभीर

सास और साले की प्रताड़ना से परेशान रेलवे अधिकारी ने पीया जहर, हालत गंभीर

ग्वालियर|अतुल सक्सेना | Gwalior News रेलवे स्टेशन (Railway Station) के डिप्टी एसएस ने आज ऑलआउट पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल (Hospital)में भर्ती कराया गया है। खास बात ये है कि डिप्टी एसएस की पत्नी ने अपने माइके वालों पर ही पति को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं।

महाराजपुरा थाना क्षेत्र के रामदयाल नगर में रहने वाले प्रदुमन सिंह चौहान ने रविवार तड़के ऑल आउट पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्रदुमन सिंह चौहान ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस के रूप में पदस्थ हैं। प्रदुमन सिंह चौहान की पत्नी सताक्षी चौहान ने आरोप लगाए कि मेरे पति को मेरी माँ और मेरा भाई प्रताड़ित करते हैं उनको नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हैं। इसलिए मेरे माइके वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया है। चौहान की पत्नी ने बताया कि घर वालों से परेशान होकर हम लोग तलाक भी ले रहे थे। वहीं प्रदुमन की माँ ने कहा कि मेरा बेटा बहुत परेशान रहता था ससुराल वाले परेशान करते थे। आत्महत्या का प्रयास करने वाले प्रदुमन सिंह ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। सुसाइड नोट में प्रदुमन सिंह चौहान ने ससुराल के लोगों पर प्रताड़ित करने और झूठे के में फंसाकर नौकरी से निकलवाने की धमकी देने की बात लिखी है। पत्र में पत्नी से तलाक का भी जिक्र है। प्रदुमन ने लिखा है कि मैं बहुत डिप्रेशन में हूँ। दो पाटों में पीस रहा हूँ मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो गई है। पुलिस ने पत्र को जब्त कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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