अपनों पर भरोसा नहीं, कांग्रेस ने भाजपा से आये नेता को बनाया ग्वालियर पूर्व से प्रत्याशी

satish singh sikarwar

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| कांग्रेस ने आज रविवार को उप चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दूसरी सूची (Congress Candidate List) जारी कर दी। इस सूची में 9 प्रत्याशियों के नाम हैं। पार्टी ने इस सूची में हाल ही में भाजपा (BJP) से कांग्रेस (Congress) में शामिल हुए वरिष्ठ नेता सतीश सिंह सिकरवार (Satish Singh Sikarwar) को ग्वालियर पूर्व से प्रत्याशी बनाया है। सतीश का मुकाबला कांग्रेस से भाजपा में गए पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल (Munnalal Goyal) से होगा। हालांकि मुन्नालाल के नाम की अधिकृत घोषणा होना अभी बाकी है।

कांग्रेस की पहली सूची में ग्वालियर जिले में होने वाले तीन विधानसभाओ में से दो ग्वालियर और डबरा के प्रत्याशियों के नाम थे हालांकि ये तय था कि हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए सतीश सिंह सिकरवार को पार्टी ग्वालियर पूर्व से उम्मीदवार बनायेगी लेकिन पार्टी ने पहली सूची में उनका नाम घोषित नहीं कर चौंका दिया था| लेकिन आज इस पर से पर्दा हटा दिया और सतीश सिंह सिकरवार को ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। सतीश के नाम की घोषणा होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खुद सतीश भी बहुत खुश हैं और अपनी जीत का दावा कर रह हैं। उनका कहना है कि इस बार जनता चुनाव लड़ रही है और दलबदलुओं बिकाऊ लोगों को बाहर का रास्ता दिखाएगी। लेकिन सतीश इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने भी तो दल बदला है वो जनता को कैसे समझाएंगे?

पार्टी के लोगों पर नहीं जताया कांग्रेस ने भरोसा
ग्वालियर पूर्व विधानसभा से सतीश सिंह सिकरवार पिछला चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़े थे और कांग्रेस की मुन्नालाल गोयल से चुनाव हार गए थे। बाद में मुन्नालाल ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए और तय हो गया कि वे ही भाजपा के प्रत्याशी होंगे। इस बीच कांग्रेस से बहुत से दावेदारों ने ग्वालियर पूर्व से चर्चा में आये इसमें वरिष्ठ नेता अशोक सिंह, वासुदेव शर्मा, आनंद शर्मा, युवा नेता राघवेंद्र शर्मा, रश्मि पवार शर्मा और मितेंद्र दर्शन सिंह के नाम शामिल थे। इनमें से कई ऐसे हैं जो किसी समय सिंधिया समर्थकों में शामिल थे लेकिन सिंधिया के साथ ना जाते हुए पार्टी में आस्था जताई लेकिन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इन सभी पार्टी समर्पित उम्मीदवारों को झटका देते हुए भाजपा से आये सतीश सिंह सिकरवार को प्रत्याशी बना दिया।

सर्वे के दावों को लेकर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ लंबे समय से का रहे हैं कि जो प्रत्याशी पार्टी के सर्वे में टॉप पर होगा और जिताउ उम्मीदवार होगा उसे प्रत्याशी बनाया जायेगा। अब सतीश की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद कांग्रेस में ही सर्वे को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। नाम ना छापने की शर्त पर एक दावेदार ने कहा कि उसे एक पूर्व मंत्री ने बताया कि उसका नाम सर्वे में ऊपर है, जबकि एक ने कहा कि दिल्ली से पार्टी हाई कमान ने उसे टिकट का भरोसा दिया लेकिन ये कैसे संभव है कि कोई नेता कुछ दिन पहले दूसरी पार्टी से आये और पार्टी के सर्वे में टॉप पर आ जाए, ये कोई बड़ी गड़बड़ है।

गौरतलब है कि ग्वालियर जिले में तीन विधानसभा में उप चुनाव होना है लेकिन खास बात ये है कि कांग्रेस ने इसमें से केवल एक सीट ग्वालियर विधानसभा से अपने पुराने नेता सुनील शर्मा को टिकट दिया है सुनील का मुकाबला ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से होगा। कभी सुनील शर्मा ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों में गिने जाते थे। वहीं डबरा और ग्वालियर पूर्व विधानसभा से पार्टी ने भाजपा से आये नेताओं पर भरोसा जताया है। डबरा से सुरेश राजे को कांग्रेस पार्टी ने महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है जबकि ग्वालियर पूर्व से भाजपा से कांग्रेस में गए सतीश सिंह सिकरवार को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है सतीश का मुकाबला पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल से होगा। कांग्रेस के टिकट वितरण पर राजनैतिक दलों के साथ जनता के बीच भी चर्चा है कि आखिर कांग्रेस ने अपने नेताओं पर भरोसा क्यों नहीं जताया। ऐसे में क्या पूरी कांग्रेस एकजुट होकर काम करेगी?

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