दुश्मनों को फंसाने खुद को मारी गोली, 12 लोगों पर हत्या के प्रयास की एफआईआर कराई, पुलिस ने किया षड्यंत्र का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा हमने जिन साक्ष्यों के आधार पर इस षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है उसे अदालत में भी साबित करेंगे और यदि फिर कोई ऐसी साजिश करेगा तो ग्वालियर पुलिस से बच नही पायेगा।
Gwalior police arrested accused

Gwalior police arrested accused

ग्वालियर पुलिस ने एक ऐसे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है जिसमें फरियादी ने दुश्मनों को फंसाने के लिए अपने साथियों के साथ साजिश रची और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज करवा दी, चूँकि मामला गन शॉट यानि गोली मारने का था तो पुलिस सतर्कता से विवेचना में लगी और जैसे ही विवेचना आगे बढ़ी वैसे ही साजिश बाहर आ गई, जिसके बाद पुलिस ने फरियादी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी धर्मवीर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बन्हेरी गांव के रहने वाले नीतेश रावत ने 3 फरवरी को आरोन थाने में अपने ही गांव के 12 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई, फरियादी ने कहा इन लोगों ने हमारे ऊपर जानलेवा हमला किया है, हमें गोली मारी है। मामले को तत्काल विवेचना में लिया गया।

पुरानी दुश्मनी के चलते 12 लोगों के खिलाफ लिखी झूठी एफआईआर 

एसपी ने बताया कि जिले का बन्हेरी गांव पिछले कुछ समय में बहुत चर्चित गांव बन गया यहाँ एक दूसरे पर कई मामले दर्ज कराये गए, कई घटनाएँ हुई, इस प्रस्थ भूमि को ध्यान में रखते हुए विवेचना आगे बढ़ाई तो सभी 12 आरोपियों उमराव रावत, हरी उर्फ बनिया रावत, नरेश रावत, कैवरन रावत, धनसिंह रावत, रामराजा रावत, हरी सिंह रावत, रणवीर रावत, उदयभान रावत, मर्दन रावत, रन्धौर रावत, रामकिशन रावत से पूछताछ की गई, आरोपियों ने घटना से स्पष्ट इंकार कर दिया।

मोबाइल डाटा ने खोला साजिश का राज 

पुलिस ने गांव में भी पूछताछ की जिसके बाद फरियादी पर ही संदेह गहराया तो पुलिस ने फरियादी नीतेश रावत और उसके साथी अजब सिंह रावत और रघुवीर रावत से पूछताछ की, उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन जब पुलिस ने तीनों के मोबाइल जब्त कर उसका डाटा चैक कराया तो पूरा सीन सामने आ गया, यानि रघुवीर रावत, नीतेश रावत, अजब सिहं रावत से स्वयं के द्वारा गोली लगने एवं उक्त घटना का झूठा अपराध पूर्व की दुश्मनी के चलते लगाने की बात कह रहा था।

स्वीकार की खुद से गोली मारने और षड्यंत्र रचने की बात 

षड्यंत्र सामने आने बाद जब पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो अजब सिंह ने स्वयं के द्वारा 315 बोर के कट्टे से कमर में गोली मारना स्वीकार किया और दुश्मनी के चलते 12 लोगों पर झूठी एफआईआर लिखवाने का बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का देसी कट्टा, खाली खोखा जब्त कर लिया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने कहा ये एक बहुत जटिल केस था लेकिन थाना आरोन, थाना मोहना की टीमों ने एसडीओपी घाटीगांव और एडिशनल एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में इसे बहुत जल्दी सुलझा लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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