मंदिर से जुड़ा विवाद सुलझाने पहुंचे SI पर एक परिवार ने किया लाठी से अटैक, पुलिस ने दर्ज किया मामला

हजीरा पुलिस ने SI की शिकायत पर विमला नरवरिया, उसकी बेटी,  रामू और श्यामू नरवरिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है वहीं इस परिवार पर एक अन्य FIR मोहल्ले में रहने वाले लाल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की है।
Police Station Hazira Gwalior

Gwalior News : मध्य प्रदेश में पुलिस पर हमले की शिकायतें पिछले कई महीनों से सामने आ रही है, पिछले दिनों प्रदेश के इंदौर, राजगढ़ सहित अन्य शहरों से पुलिस अफसरों पर हमले और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए अब ग्वालियर से एक मामला सामने आया है जिसमें महिला और पुरुष मिलकर पुलिस के उप निरीक्षक और आरक्षक पर हाथियों से हमला कर रहे हैं, पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है।

घटना हजीरा थाना क्षेत्र की जती की लाइन मोहल्ले की है, पुलिस के मुताबिक क्षेत्रीय लोगों ने शिकाया तकी थी कि यहाँ रहने वाले रामू और श्यामू नरवरिया का परिवार क्षेत्र में स्थित एक सार्वजनिक मंदिर पर किसी को पूजा नहीं करने देता, और कोई मंदिर पर जाता है तो विवाद करता है।

पुलिस एस आई ने दी समझाइश तो कर दिया लाठी से हमला 

शिकायत मिलने के बाद बीट प्रभारी उप निरीक्षक हरेन्द्र भदौरिया अपने साथी आरक्षक के साथ वहां पहुंचे और उस परिवार को समझाइश देने लगे , इसी दौरान परिवार के महिला और पुरुष उत्तेजित हो गए और एस आई भदौरिया पर ताबड़तोड़ लाठी मारना शुरू कर दी, साथी आरक्षक इसका वीडियो बनाने लगा तो ये लोग और उत्तेजित हो गए, फिर जैसे तैसे वहां चले गए।

पुलिस ने SI की शिकायत पर दर्ज किया मामला 

घटना में एस आई हरेन्द्र भदौरिया को हाथ और कई अन्य जगह चोट आई है जिसके बाद हजीरा पुलिस ने SI की शिकायत पर विमला नरवरिया, उसकी बेटी,  रामू और श्यामू नरवरिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है वहीं इस परिवार पर एक अन्य FIR मोहल्ले में रहने वाले लाल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की है, पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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