कांग्रेस के इस विधायक ने शिवराज को लिखा पत्र, की ये माँग

कांग्रेस के इस विधायक ने शिवराज को लिखा पत्र, की ये माँग

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने और अधिकांश शहरों में लॉक डाउन की स्थिति बनने के बाद रोज कमाकर घर चलाने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। ऐसे ही लोगों की चिंता करते हुए आगे आये हैं ग्वालियर जिले की दक्षिण विधानसभा के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मदद की मांग की है ।

कोरोना वायरस के चलते ग्वालियर सहित प्रदेश के कई शहरों में लॉक डाउन है वहीं कई शहरों में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है। आवश्यक सेवाओं के अलावा पूरा शहर बंद है ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों की है जो गरीब है और रोज मजदूरी कर अपना परिवार पालते हैं। काम धंधे बंद हो जाने से इन लोगों की कमाई का जरिया भी बंद हो गया है, बाजारों में अस्थाई दुकान लगाकर, ठेला रेडा चलाकर, रद्दी पेपर खरीदकर या अन्य दूसरी दिहाड़ी मजदूरी करने वाला बहुत बड़ा गरीब तबका अब परेशानी में आने लगा है। रोज कमाओ रोज खाओ वाले ये लोग लॉक डाउन के और कर्फ्यू के कारण परेशान होने लगे हैं। ऐसे ही लोगों की मदद के लिए एक विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखा है।

ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने अपने पत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देकर की है। पत्र में विधायक पाठक ने कोरोना वायरस से उपजे हालात पर चिंता जताई है साथ ही भारत सरकार और प्रदेश सरकार के प्रयासों पर संतोष जताया है। विधायक ने कहा कि इस महामारी से हम सबको सामूहिक रूप से लड़ना है। विधायक पाठक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में कहा कि किसी शहर विशेष नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के एलिये दिहाड़ी मजदूरों, झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले गरीब निवासियों एवं अपने घरों से दूर रह रहे छात्रों के घर तक प्राथमिकता के आधार पर शासन द्वारा रोज भोजन, राशन और अन्य जरूरी जीवन उपयोगी वस्तुयें पहुंचाने के लिए टास्क टीम का गठन किया जाए। कांग्रेस विधायक पाठक ने पत्र के अंत में लिखा कि मैं ये मांग राजनीति से परे मानवीय मूल्यों और इंसानियत को सर्वोपरि रखते हुए कर रहा हूँ और आपसे से भी उम्मीद करता हूँ कि आप भी से राजनीति से परे रखकर ही लेंगे और मेरी मांग पर उचित निर्णय लेकर गरीबों तक राशन, भोजन आदि की व्यवस्थाओं शासन की तरफ से कराएंगे।

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