बैंक में सोने के जेवर रखने जा रही युवती के साथ लूट, दो नकाबपोश बदमाश करीब 15 लाख की ज्वेलरी से भरा बैग छीनकर फरार

महिला ने बताया कि वो अकेली अपनी कार से आई थी चूँकि दोनों बैंक पास में ही थे तो बैग लेकर पैदल ही निकल गई तभी बदमाशों ने बैग छीन लिया और फरार हो गए ।
Gwalior gold jewelery loot

Gwalior gold jewelery loot

ग्वालियर में बदमाशों ने आज पुलिस को चुनौती देते हुए एक महिला से सोने के जेवरों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए, महिला एक बैंक (फायनेंस कंपनी) में राखी अपनी गोल्ड ज्वेलरी को निकालकर दूसरे बैंक (फायनेंस कंपनी ) में लोन के लिए गिरवी रखने जा रही थी तभी उसके साथ ये घटना हो गई, घटना सीसीटीवी में कैद हुई हिया पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

पुरानी छावनी क्षेत्र में रहने वाली सेजू सिकरवार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उसने कैप्री गोल्ड लोन कंपनी ( कैप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड Capri Global Capital Limited) शाखा बहोड़ापुर में गिरवी रखी अपनी ज्वेलरी निकालने गई थी उसने वहां लोन का पूरा पैसा चुकाया और आईआईएफएल (इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस लिमिटेड, India Infoline Finance Limited) में गोल्ड रखकर लोन लेने के लिए जा रही थी तभी बहोड़ापुर तिराहे पर उसके साथ ये घटना हो गई।

बिना नंबर की एक्टिवा से आये थे बदमाश  

सेजू सिकरवार ने बताया कि अचानक दो लड़के एक्टिवा पर आये और उसके हाथ से ज्वेलरी से भरा बैग छीन कर  फरार हो गए, उसने बताया वो चिल्लाई पीछा भी किया लेकिन बदमाश तेजी से भाग गए, सेजू के मुताबिक बदमाश मुंह पर कपडा बांधे थे और उनकी एक्टिवा पर नंबर भी नहीं था, पीड़िता के मुताबिक बैग में उसके और उसकी माँ के 10 तोला वजनी जेवर थे।

पुलिस ने दर्ज किया मामला 

घटना के बाद वो बहोड़ापुर पुलिस थाने पहुंची जहाँ उसने शिकायत दर्ज कराई हालाँकि उसने आरोप लगाया कि कई घंटे बीतने के बाद भी पुलिस उसकी कोई मदद नहीं कर रही, हालाँकि पुलिस ने बताया कि घटना सीसीटीवी में कैद हुई है , महिला के बताये आधार पर  मामले को जाँच में लिया गया है और जल्दी बदमाशों की तलाश की जाएगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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