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राष्ट्रीय पोषण माह के तहत प्रदर्शनी लगाकर महिलाओं को पौष्टिक आहार के प्रति किया जागरूक   

Written by:Atul Saxena
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मोटा अनाज स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभदायक होता है, मोटे अनाज (मिलेट्स) के व्यंजन बनाकर पौष्टिक आहार की कमी को दूर किया जा सकता है।
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत प्रदर्शनी लगाकर महिलाओं को पौष्टिक आहार के प्रति किया जागरूक   
Gwalior News : ग्वालियर जिले में भी राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कड़ी में प्रभारी कलेक्टर विवेक कुमार के निर्देश पर महिला बाल विकास विभाग द्वारा हजीरा स्थित जेसी मिल कन्या महाविद्यालय में पोषण मेला, पोषण प्रदर्शिनी व पोषण क्विज इत्यादि कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में पौष्टिक पोषण तत्वों से युक्त व्यंजनों की प्रदर्शिनी लगायी गयी।

मिलेट्स के व्यंजनों के लाभ बताये 

इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को संतुलित पौष्टिक आहार विशेषकर आयरन युक्त आहार का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा मोटा अनाज स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभदायक होता है, मोटे अनाज (मिलेट्स) के व्यंजन बनाकर पौष्टिक आहार की कमी को दूर किया जा सकता है। साथ ही स्वच्छता अपनाकर विभिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने लालिमा योजना संबंधी जानकारी भी दी। साथ ही आयरन व एल्वेंडाजोल की दवा के सेवन के बारे में विस्तार से समझाया।

क्विज प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत 

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जेसी मिल्स महाविद्यालय में आयोजित हुए पोषण क्विज में प्रथम स्थान पर कु. रागिनी, द्वितीय स्थान पर कु. चंचल प्रजापति व तृतीय स्थान पर रहीं कु. रानू पाल को पुरस्कृत किया गया। भाग लेने वाले अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार वितरित किये गये।

भोजन के तत्व व सूक्ष्म पोषक तत्वों के बारे में  दी गयी जानकारी 

पर्यवेक्षक श्रीमती साधना शर्मा द्वारा भोजन के तत्व व सूक्ष्म पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में पौष्टिक पोषण तत्वों से युक्त व्यंजनों की प्रदर्शिनी लगायी गयी व सभी प्रतिभागियों को पौष्टिक आहार से युक्त भोजन करने के बारे में समझाइश दी गयी।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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