Video : कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा बोले- बंद होना चाहिए न्यायालय अवकाश, सरकार करे विचार

Video : कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा बोले- बंद होना चाहिए न्यायालय अवकाश, सरकार करे विचार

Vivek Tankha on court leave : वरिष्ठ नेता एवं कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने कोर्ट में छुट्टियों का मुद्दा उठाया है, सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने राज्य सभा में कल इस मुद्दे को उठाया, उन्होंने विधि मंत्री से कहा कि कोर्ट छुट्टियों पर नहीं जा सकती, कोर्ट निरंतर होनी चाहिए, ये ब्रिटिश काल का कांसेप्ट है, जब ब्रिटिश जज घर जाते थे तब कोर्ट की छुट्टी होती थी, इसे बंद होना चाहिए।

ग्वालियर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे विवेक तन्खा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधि मंत्री के साथ कोर्ट के विषय में चर्चा हुई, मैंने राज्य सभा में सप्लीमेंट्री रखते हुए कि पुलिस और सरकार की तरह ही कोर्ट भी एक सोवरन फंक्शन करता है, इसलिए कोर्ट छुट्टियों पर नहीं जा सकती।

कोर्ट के विकेशन के कांसेप्ट को अब बंद करना होगा क्योंकि जब देश में पांच करोड़ केस पेंडिंग हैं तो ये प्रासंगिक नहीं है, मैंने कहा कि आप इसे CJI के साथ डिसकस कीजिये टेकअप कीजिये,हम पार्लियामेंट के बेहफ पर स्टेंडिंग कमेटी में भी सी बात को उठायेंगे है।

उन्होंने कहा कि जज और वकीलों को 25-30 दिन जितने भी देना चाहें छुट्टी दें और वो इसे सालभर में कभी भी ले सकें इसपर आपत्ति नहीं हैं लेकिन पूरा कोर्ट बंद हो ये सही नहीं है, विवेक तन्खा ने कहा कि इस समय केवल 200 दिन चलता है यदि छुट्टियाँ समाप्त होंगी तो 300 दिन कोर्ट चलेगा जिससे पेंडिंग केस निपटाने में मदद मिलेंगी। उन्होंने तवीत करके भी अपनी इस बात को कहा है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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