पूर्व मंत्री का वार- “महाराज” भाजपा का अदना सा प्यादा, कांग्रेस के बब्बर शेर करेंगे शिकार

पूर्व मंत्री का वार- “महाराज” भाजपा का अदना सा प्यादा, कांग्रेस के बब्बर शेर करेंगे शिकार

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| ज्योतिरादित्य सिंधिया के “टाइगर अभी जिंदा है” वाले बयान ने मध्यप्रदेश की राजनीति के माहौल का गरमा दिया है। कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के पलटवार के बाद अब कांग्रेस विधायक एवं कमलनाथ सरकार में पशुपालन मंत्री रहे लाखन सिंह का बयान आया है। लाखन सिंह का कहना है कि सिंधिया भाजपा का अदना सा प्यादा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास दो बब्बर शेर हैं जो भाजपा के टाइगरों का शिकार करेंगे।

ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा से कांग्रेस विधायक लाखन सिंह ने ग्वालियर में चुनिंदा पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया के टाइगर अभी जिंदा है वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा में इस समय कुकुरमुत्तों की तरह बहुत से टाइगर पैदा हो गए हैं। ये जितने भी टाइगर पैदा हो रहे हैं उनके शिकार के लिए कांग्रेस के पास दो बब्बर शेर हैं । पूर्व मंत्री लाखन सिंह ने कहा कि हमारे बब्बर शेर राजा दिग्विजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री वो बब्बर शेर हैं जिन्हें शिकार करना अच्छे से आता है। भाजपा के टाइगरों के लिए हथियार तैयार हैं क्षेत्र की जनता चुनावों में इन हथियारों को टाइगरों पर साधेगी और बैक टू पवेलियन कर देगी। एक सवाल के जवाब में लाखन सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा का एक अदना सा कार्यकर्ता है। मंत्रिमंडल विस्तार पर कटाक्ष करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि 24 सीटों पर उपचुनावों को देखते हुए मंत्री बनाये गए हैं जो डेढ़ महीने के मंत्री हैं आचार संहिता लगते ही मंत्रियों की पावर खत्म हो जायेगी और जब ये जनता के बीच जायेंगे तो ग्वालियर चंबल अंचल की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी और परमानेंट घर बिठाल देगी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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