ग्वालियर में शादी समारोहों पर बदमाशों की नजर, नकाबपोश बदमाशों ने दो अलग अलग जगह की करीब डेढ़ लाख की लूट

खास बात ये है कि लूट की दोनों घटनाओं मेंबहुत समानता है, एक बाइक..दो नकाबपोश बदमाश..शादी समारोह निशाना..और बैग लूटकर फरार हो जाना, पुलिस को शंका है कि ये काम एक ही गैंग का हो सकता है ।
robbery in gwalior

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ग्वालियर में बेख़ौफ़ बदमाश पुलिस को चुनौती दे रहा है, बदमाशों ने एक साथ दो अलग अलग थाना क्षेत्रों में लूट की वारदात को अंजाम देकर पुलिस को चेलेंज दिया है एक वारदात ग्वालियर थाना क्षेत्र में हुई वहीं दूसरी वारदात बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में हुई है, खास बात ये है कि दोनों घटनाओं में वारदात का तरीका एक सा है इसलिए शंका हिया कि आरोपी एक हो सकते हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्वालियर थाना क्षेत्र के लधेड़ी स्थित पटेल बारात घर गार्डन पर जोगेंद्र सिंह तोमर निवासी रामनगर चार शहर का नाका के बेटे अभय की शादी समारोह चल रहा था। रात 12 बजे के बाद वह हलवाई, डीजे और किराने वाले का हिसाब करने गार्डन के बाहर खड़े हुए थे। उनके पास 95 हजार रुपए से भरा बैग था। तभी बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश आए और झपट्टा मारकर बैग छीन कर ले गए। लिया। वह कुछ समझ पाते इससे पहले बदमाश फरार हो गए।

बुजुर्ग से बैग छीना और फरार 

वहीं दूसरी वारदात बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के रजवाड़ा गार्डन में हुई। भिंड जिले के हनुमान नगर निवासी 76 साल के कामता प्रसाद एक बारात में शामिल होने आए थे। वह बारात के आगे चल रहे थे। उनके पास 50 हजार रुपए से भरा बैग था। तभी बाइक सवार दो बदमाश आए और बुजुर्ग से बैग लूटकर भाग गए। बुजुर्ग ने शोर मचाया। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश फरार हो गए।

कुल 1 लाख 45 हजार रुपये की लूट 

दोनों ही घटनाओं के CCTV फुटेज सामने आए है। फुटेज में बाइक सवार दो युवक लूट करते साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस हुलिए के आधार पर बदमाशों की पहचान कर रही है। आशंका है कि दोनों वारदात एक ही गैंग ने की हैं। दोनों जगह बदमाशों का तरीका एक जैसा है। बाइक पर दो युवक आए टारगेट चुना और बैग लूटकर फरार हो गए। पहली वारदात में 95 हजार और दूसरी में 50 हजार, कुल 1 लाख 45 हजार की लूट हुई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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