राहुल गांधी के DNA पर ये क्या बोल गए जयभान सिंह पवैया ?

राहुल गांधी के DNA पर ये क्या बोल गए जयभान सिंह पवैया ?

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ( Rahul Gandhi) द्वारा  बार फिट हिंदुत्व (Hindutava) पर सवाल उठाने पर कट्टर हिंदूवादी नेता जयभान सिंह पवैया (Jaibhan Singh Pawaiya) ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता पवैया ने कहा कि राहुल गांधी के DNA की जांच करने की सामर्थ्य आज किसी मशीन में नहीं है। वे तो पचनदा हैं, उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।

भाजपा के बूथ विस्तारक कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने राहुल गांधी प्ग्र रबादा हमला बोला है। मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए पवैया ने कहा कि राहुल गांधी की दादी से लेकर आज तक उनके परिवार का आरोप लगाने का पुराना राग है।  उनको शर्म भी नहीं आती।

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पवैया ने कहा यदि हम अपराधी थे तो उस समय तो आपकी सरकारें थी, क्यों कार्रवाई नहीं की। इसलिए मैं कहूंगा कि पहले तो राहुल गांधी को तो बोलने का कोई अधिकार ही नहीं है। वे अपने को हिन्दू मानते हैं क्या ?

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पूर्व मंत्री ने कहा कि क्षमा करें राहुल गांधी का DNA टेस्ट करने की सामर्थ्य आज किसी मशीन में नहीं है, तीन से त्रिवेणी बनती है ये तो पचनदा हैं।  वो क्या जानें हिन्दू और हिंदुत्व को। भाजपा ने गांधी के विचारों को जिंदा रखा यदि गांधी की असली हत्यारी है तो वो कांग्रेस है जिसने गांधी के विचारों की हत्या की है की है। पूर्व मंत्री पवैया ने  कहा कि इस तरह देश में तनाव पैदा करने वाले बयान देने पर राहुल गांधी को देश से क्षमा मांगनी चाहिए।

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गौरतलब है कि आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सुबह राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर बापू को नमन किया था साथ ही हिंदुत्व पर तंज़ भी कसा था।  राहुल ने ट्वीट किया था -एक हिंदुत्ववादी ने गांधी जी को गोली मारी थी। सब हिंदुत्ववादियों को लगता है कि गांधी जी नहीं रहे। जहाँ सत्य है, वहाँ आज भी बापू ज़िंदा हैं!

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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