कमल पटेल बोले-“भाजपा का हर कार्यकर्ता ‘टाइगर’, दिग्विजय हो गए बूढ़े”

कमल पटेल बोले-“भाजपा का हर कार्यकर्ता ‘टाइगर’, दिग्विजय हो गए बूढ़े”

हरदा| भवानी शंकर पाराशर| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के ‘टाइगर जिन्दा है’ वाले बयान के बाद सियासत गरमाई हुई है| कांग्रेस नेता इसको लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं| वहीं भाजपा नेताओं के ओर से भी लगातार बयान सामने आ रहे हैं| अब प्रदेश के कृषिमंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने हरदा (Harda) में ‘टाइगर पॉलिटिक्स’ (Tiger Politics) पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता टाइगर है| वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए मंत्री पटेल ने कहा दिग्विजय सिंह बूढ़े हो गए ,दंत विहीन है इसलिए वे शिकार हो गए हैं|

हरदा पहुंचे कृषिमंत्री कमल पटेल ने कहा टाइगर का मतलब होता है शेर दिल आदमी । इसलिए भाजपा का हर कार्यकर्ता टाइगर है| दिग्विजय पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कांग्रेस में दिग्विजय सिंह बूढ़े हो गए, दंत विहीन है इसलिए वे शिकार हो गए हैं, पहले लोकसभा में शिकार हुए और अब कांग्रेस पार्टी मे ही उनका शिकार हो रहा है।

कृषि विधयालय की घोषणा
कृषि मंत्री पटेल ने हरदा जिले में कृषि महा विद्यालय खोलने की घोषणा की| इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हरदा जिले का गठन हुए 21 वर्ष हो चुके हैं। मेरा सपना है कि हमारा जिला हर क्षेत्र में नम्बर वन बने। इसके लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिले में कृषि महाविद्यालय अवश्य प्रारम्भ करेंगे। जिले को शत-प्रतिशत सिंचित भी करेंगे। इससे पहले उन्होंने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में आने वाले जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित किया|सोमवार को इन विद्यार्थियों का सम्मान समारोह कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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