Hindi News

पेंशनर्स की महंगाई राहत में वृद्धि, वित्त विभाग का आदेश जारी, मिलेगा 11 महीने का एरियर, जुलाई में बढ़कर आएगी पेंशन

Written by:Pooja Khodani
Published:
हरियाणा सरकार ने 5वें वेतन आयोग के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के महंगाई राहत में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के आदेश जारी किए हैं। बढ़े हुए डीआर का लाभ पेंशनभोगियों को जून की पेंशन के साथ जुलाई में मिलेगा।

हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने 5वें वेतन आयोग (5th Pay Commission) के तहत पेंशन या पारिवारिक पेंशन (Family Pension) प्राप्त कर रहे पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) में कुल 17% की बढ़ोतरी की है। इसमें ​जुलाई 2025 से 8% और जनवरी 2026 से 9% की वृद्धि की गई है।

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है।  12 जून 2026 को वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2025 से प्रभावी महंगाई राहत की दर को 466% से बढ़ाकर 474% (8% की वृद्धि) कर दिया गया है। वहीं 1 जनवरी 2026 से महंगाई राहत दर को 474% से बढ़ाकर 483% (9% की अतिरिक्त वृद्धि) कर दिया गया है। बढ़ी हुई दरों के साथ पेंशन का भुगतान जून 2026 की पेंशन (जो जुलाई के शुरुआत में मिलती है) के साथ शुरू होने के निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई 2025 से मई 2026 तक (11 महीने) की अवधि का पूरा बकाया पेंशनर्स को जुलाई 2026 के महीने में एकमुश्त जारी कर दिया जाएगा। यह आदेश विशेष रूप से उन पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स पर लागू होता है जो अभी भी पूर्व-संशोधित 5वें वेतन आयोग के वेतन ढांचे के अनुसार अपनी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

बता दें कि मई 2026 में हरियाणा सरकार ने 5वें वेतन आयोग का लाभ ले रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में जनवरी 2026 से 9% और छठे वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 5% की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद 5वें वेतन आयोग के तहत वेतन ले रहे कर्मचारियों का डीए 474 % से बढ़कर 483%  और छठे वेतन आयोग वाले कर्मचारियों का डीए 257% से बढ़कर 262% हो गया है।

इससे पहले अप्रैल अंत में 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की दरों में जनवरी 2026 से 2% वृद्धि की गई थी।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews