पंचकूला के मोरनी स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों की लापरवाही पर जमकर क्लास ली है। दरअसल उन्होंने विशेषकर बिजली निगम के एक्सईएन ललित अत्री को पांच साल पुराने एक मामले में कड़ी फटकार लगाई, जो ट्रांसफार्मर की समस्या से जुड़ा था।
वहीं जनसुनवाई के दौरान मोरनी क्षेत्र के ग्रामीण कश्मीर सिंह ने मुख्यमंत्री के सामने 2021 से लंबित ट्रांसफार्मर की समस्या को रखा। ग्रामीण ने बताया कि पांच साल बीत गए, लेकिन अधिकारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद एक्सईएन ललित अत्री से जवाब-तलब किया। एक्सईएन ने अपनी सफाई में बताया कि ठेकेदार काम बीच में छोड़कर चला गया था और अब दूसरे ठेकेदार को काम आवंटित किया गया है।
नाराज हुए मुख्यमंत्री सैनी
एक्सईएन के इस जवाब से मुख्यमंत्री सैनी खासे नाराज हुए। उन्होंने सवाल किया, ‘क्या आपको अच्छा लग रहा है कि ये लोग आपके पीछे-पीछे घूम रहे हैं? कब तक काम करवा दोगे?’ जब एक्सईएन ने एक महीने का समय मांगा, तो मुख्यमंत्री का गुस्सा और भड़क उठा। मुख्यमंत्री ने दो टूक आदेश देते हुए कहा, ‘कल तक ट्रांसफार्मर रखवाओ, चाहे कहीं से लेकर आना। साथ ही उस ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर करवाओ, जो बीच में काम छोड़कर चला गया था। अगर आपसे पहले वाले अधिकारी की गलती है तो उस पर भी कार्रवाई करो।’ उन्होंने यहां तक निर्देश दिए कि ‘कल ट्रांसफार्मर रख कर मुझे उसकी फोटो भिजवाओ’।
बिजली की उपलब्धता पर भी लगाई फटकार
जनसुनवाई में ऐसी ही कई अन्य शिकायतें भी आईं, जिन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत निस्तारण के आदेश दिए। एक समस्या की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने पहाड़ी क्षेत्र होने का बहाना बनाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल का उदाहरण देते हुए कहा, ‘हिमाचल के हर घर में बिजली है, यहां पर क्यों नहीं दे सकते? बहाने मत बनाइए, काम का रास्ता निकालिए।’
इन समस्याओं पर भी CM सैनी ने दिया ध्यान
मांधना गांव निवासी एक बुजुर्ग ने रामगढ़ गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडर पर ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड पर सिलेंडर उतारने के 50 रुपए और गांव तक पहुंचाने के लिए 50 रुपए अतिरिक्त लिए जाते हैं। इस पर डीएफएसी ने ऑनलाइन पेमेंट का हवाला देते हुए गाड़ी गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया। प्लासरा गांव में पीने के पानी की समस्या भी सामने आई, जहां आधी इंची लाइन को एक इंच करने की मांग की गई क्योंकि शोरे के कारण लाइन ब्लॉक हो जाती थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत इसे एक इंच करवाने के निर्देश दिए।






