भिवानी में 19 वर्षीय विद्यालय शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों की पीड़ा बढ़ी हुई थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनकी आधे घंटे तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि “मनीषा हमारी बेटी थी और होगा न्याय—इसमें कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।” यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवास में हुई। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि यह मामला अब CBI के पास भेजा जा चुका है और इसकी निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी तैनात किया गया है।
इस कदम से उम्मीद बढ़ गई है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी। परिवार की ओर उच्च सम्मान के साथ हरियाणा बैरागी समाज के राज्य अध्यक्ष शिव कुमार पंवार, मामा संदीप, पिता संजय कुमार, दादा राजकुमार सहित समाजसेवी और अन्य सदस्य मौजूद थे। उन्होंने न्याय की प्रक्रिया को सुगम और दमदार बनाने की मांग की। इससे पहले अपराध की हद बढ़ जाने पर पुलिस मेंलापरवाही को देखते हुए—SP मनबीर सिंह को स्थानांतरित किया गया और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
न्याय की पुकार गूंजी
इससे प्रशासनिक जवाबदेही की एक शुरुआत दिखती है। मनीषा की हत्या के बाद तो मानो हरियाणा में न्याय की पुकार गूंज उठी है, स्थानीय समुदायों ने दिल्ली–पिलानी रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बाज़ार बंद रहे, महापंचायतें और धरने आयोजित किए गए। लोग सार्वजनिक मंच पर “Justice for Manisha” के नारों में एकजुट हुए। विधानसभा की मानसून सत्र में CM सैनी ने विपक्ष पर कटाक्ष भी किया।
CM का राजनीतिक रुख
उन्होंने कहा कि पुलिस ने तुरंत कदम उठाए, और कुछ नेता राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कांग्रेस शासन में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी—अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ, क्षेत्र में 48 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवाएं बंद कर दी गईं—इससे अफवाहों और अनावश्यक तनाव से बचा जा सके। आवाज़ सेवाएं जारी रहीं ताकि संचार बाधित न हो।





