हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली यात्रा के लिए ट्रेन का रास्ता चुना है, जो ऊर्जा बचत और सादगी का एक बड़ा संदेश दे रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री आज शुक्रवार को दिल्ली में कई अहम बैठकों में शामिल होंगे। वह केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं, जहां हरियाणा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री कल शनिवार को वापस हरियाणा लौटेंगे।
वहीं मुख्यमंत्री सैनी का ट्रेन से दिल्ली जाना राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस कदम को सिर्फ एक यात्रा के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे ऊर्जा बचाने, पर्यावरण की सुरक्षा करने और एक सादगीपूर्ण प्रशासन का संदेश देने के रूप में माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह फैसला ‘लीड बाय एग्जांपल’ की रणनीति का हिस्सा है। सरकार सिर्फ अपील नहीं कर रही, बल्कि खुद भी उसका पालन कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत की अपील की
दरअसल नायब सिंह सैनी ने पहले भी अपने सरकारी वाहनों के बेड़े में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला किया था। इसका मकसद अनावश्यक ईंधन खर्च को रोकना था। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की अपील की थी। यह अपील मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच की गई थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने भी फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन की खपत कम करने के लिए कई प्रशासनिक कदम उठाने शुरू किए थे। मुख्यमंत्री का ट्रेन से सफर उसी अभियान का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया है। वह चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक पर साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री खुद इन सिद्धांतों का पालन करते हैं और लोगों को प्रेरित करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी दिया संदेश
दरअसल मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस संबंध में अपनी राय भी रखी है। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो देश ऊर्जा बचत के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करें, सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं और अनावश्यक ईंधन की खपत से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ऊर्जा बचाओ’ संदेश सिर्फ सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बनाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि यदि हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या में थोड़ी जिम्मेदारी दिखाए, तो देश की ऊर्जा जरूरतों पर सकारात्मक और बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
हरियाणा सरकार के सूत्रों ने बताया है कि आने वाले समय में सरकारी विभागों में भी ऊर्जा संरक्षण को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं। इन गाइडलाइंस में सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, डिजिटल बैठकों को बढ़ावा देने और ईंधन बचत आधारित कार्यप्रणाली को अपनाने की संभावना है। ये कदम सरकार की ऊर्जा संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगे।






