पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर दिए ‘बदमाशी’ वाले बयान को लेकर हरियाणा की भाजपा राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने शुक्रवार को माफी मांग ली है। दरअसल उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपना स्पष्टीकरण दिया। रेखा शर्मा ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर वायरल किया गया। उनकी मंशा किसी एक व्यक्ति को लेकर नहीं थी, बल्कि एक पार्टी की वर्किंग के प्रति थी।
दरअसल सांसद रेखा शर्मा ने आगे कहा कि चौधरी भजनलाल एक सम्मानित और जमीन से जुड़े मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार के कई सदस्य हमारी पार्टी में हैं। उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि अगर उनके बयान से भजनलाल के परिवार या समर्थकों को दुख पहुंचा हो, तो वह अपने शब्द वापस लेती हैं।
हम रेखा शर्मा के बयान से संतुष्ट: कुलदीप बिश्नोई
वहीं रेखा शर्मा के माफीनामे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने भी बयान जारी किया। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि हम रेखा शर्मा के बयान से संतुष्ट हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से रेखा शर्मा के खिलाफ दी गई शिकायतें भी वापस लेने का आग्रह किया। कुलदीप बिश्नोई ने भी एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने कहा, रेखा शर्मा ने अपने शब्द वापस लेकर जो खेद प्रकट किया है, मैं उसकी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने इस मौके पर भजनलाल के अनुयायियों व समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त किया। बिश्नोई ने कहा कि हमारे कठिन समय पर सबने मजबूती से आवाज उठाई।
पार्टी की गरिमा और अनुशासन का सम्मान करें: कुलदीप बिश्नोई
कुलदीप बिश्नोई ने आगे कहा कि मैं अब सभी समर्थकों से आग्रह करता हूं। वे पार्टी की गरिमा और अनुशासन का सम्मान करें। उन्होंने सभी से विनम्र निवेदन किया कि इस विषय पर और वीडियो साझा न करें। जहां-जहां शिकायतें और एफआईआर हुई हैं, उनको वापस ले लें। बिश्नोई ने कहा कि इस पूरे प्रकरण का यही सम्मानजनक समापन है। हम सबको सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना है। मिलकर बीजेपी को और मजबूती प्रदान करनी है।
रेखा शर्मा के वीडियो से पहले आज ही सिरसा में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी बयान दिया था। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा था कि कोई नाराज नहीं है। उन्होंने चौधरी भजनलाल का हरियाणा के विकास में अहम योगदान बताया। नायब सैनी ने कहा कि भजनलाल ने हरियाणा को आगे बढ़ाने के लिए बढ़-चढ़कर काम किया है। उन्होंने कहा कि वो हमारे लिए सम्मानित हैं। उनके दिखाए रास्ते को आगे बढ़ाने का काम किया है।
जानिए क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद 24 अप्रैल को पंचकूला में शुरू हुआ था। भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने उस दिन नामांकन दाखिल किया था। नामांकन से पहले सेक्टर-5 में एक जनसभा रखी गई थी। इसी जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद रेखा शर्मा ने विवादित बयान दिया था। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी, नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर मौजूद थे। इनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा नेता बंतो कटारिया समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
रेखा शर्मा ने मंच से मतदाताओं से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि आप खुद तो वोट डालें ही। अपने आसपास के लोगों से भी इतने वोट डलवाएं कि पंचकूला में इतिहास बन जाए। श्यामलाल बंसल से ज्यादा वोट किसी को न मिलें। सांसद ने कहा, श्यामलाल बंसल ने वो समय भी देखा है। जब यहां पर कांग्रेस की बदमाशी थी। उन्होंने सीधे कहा, जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की और चंद्रमोहन की। पूरी तरह बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते थे। रेखा शर्मा भजनलाल का नाम लेने से पहले बंसीलाल भी बोल रही थीं, लेकिन वह बीच में ही रुक गईं।






