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हिमाचल: CM सुक्खू का दावा, 3.5 साल में पूरे किए सभी वादे, विपक्ष पर भी साधा निशाना

Written by:Rishabh Namdev
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हिमाचल में CM सुक्खू का दावा है कि सरकार ने 3.5 साल में OPS बहाली, 1500 रुपये पेंशन समेत सभी चुनावी वादे पूरे किए है। चलिए जानते हैं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने क्या कहा है?
हिमाचल: CM सुक्खू का दावा, 3.5 साल में पूरे किए सभी वादे, विपक्ष पर भी साधा निशाना

हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने अपने महज साढ़े तीन साल के कार्यकाल में जनता से किए गए सभी चुनावी वादे और गारंटियां पूरी कर दी हैं। दरअसल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन दिनों राज्य में होने वाले चार नगर निगम चुनावों के प्रचार में पूरी तरह से सक्रिय हैं। इस चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए यह बड़ा दावा किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इतने कम समय में जनता से किए गए अपने सभी वादे और चुनावी गारंटियां निभा दी हैं।

दरअसल मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कर्मचारियों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब परिवारों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का ब्यौरा विस्तार से बताया।

दावा पहली ही कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ी गारंटी को पूरा किया

वहीं सीएम सुक्खू ने जानकारी दी कि सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ी गारंटी को पूरा किया। इसके तहत 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया गया। इस फैसले का सीधा और सकारात्मक असर यह हुआ कि जो रिटायर्ड कर्मचारी पहले एनपीएस (NPS) के तहत मात्र 2-3 हजार रुपये पा रहे थे, उन्हें अब 20 से 40 हजार रुपये की सम्मानजनक पेंशन मिल रही है, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

महिलाओं को 1500 रुपये की पेंशन दी जा रही

महिलाओं के सम्मान के लिए सरकार ने अपनी दूसरी बड़ी गारंटी को साकार करते हुए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना’ लागू की है। इस योजना के पहले चरण में 35,687 महिलाओं को 29.12 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। वहीं, दूसरे चरण में एक लाख अति गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की पेंशन दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है।

कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार ने कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों और पशुपालकों के लिए दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, पशुपालकों से 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) खरीदी जा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपजे गेहूं, मक्की और जौ के समर्थन मूल्य में भी भारी वृद्धि की गई है। बागवानी क्षेत्र में भी हिमाचल प्रदेश ने एक नई मिसाल कायम की है। हिमाचल बागवानी नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू करने और फलों के समर्थन मूल्य में 25% की वृद्धि से बागवानों की आय में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

युवाओं को रोजगार

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी सरकार ने कई पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले तीन वर्षों में 23,200 युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जिसमें 9535 अध्यापकों के पद शामिल हैं। वहीं, निजी क्षेत्र में भी 51,400 युवाओं को रोजगार मिला है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 680 करोड़ रुपये की ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत ई-टैक्सी की खरीद पर 50% सब्सिडी और निजी भूमि पर सोलर पैनल लगाने के लिए भारी ब्याज अनुदान दिया जा रहा है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

शिक्षा, स्वास्थ्य और मुफ्त बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सरकार ने महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। राज्य के 42 विधानसभा क्षेत्रों में ‘राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल’ को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से 10 का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी, पेट स्कैन (PET Scan) और थ्री टेस्ला एमआरआई (3 Tesla MRI) जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं ताकि मरीजों को राज्य में ही सुलभ और विश्वस्तरीय इलाज मिल सके। ‘अपना परिवार-सुखी परिवार’ योजना के तहत 1 लाख अति गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का भी ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंत में कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी गारंटियों से भी बढ़कर समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए नीतियां बनाई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नीतियां अब धरातल पर अपना सकारात्मक असर दिखा रही हैं, जिससे आम जनता के जीवन में खुशहाली आ रही है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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