भीषण गर्मी और लू के बीच जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जारी अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गोमाबाई रोड स्थित अधीक्षण यंत्री (SE) कार्यालय पहुंचकर बिजली विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश जताया और अधीक्षण यंत्री जयपाल सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
कांग्रेस नेताओं ने अधीक्षण यंत्री के सामने सीधे तौर पर विभाग की पोल खोलते हुए कहा कि जब पूरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में है, तब निर्बाध बिजली देना विभाग का पहला कर्तव्य है। लेकिन इसके विपरीत शहर से लेकर गांवों तक बिना किसी सूचना के घंटों बिजली बंद रखी जा रही है।
जल संकट, स्वास्थ्य और व्यापार पर असर
कांग्रेस नेताओं ने कहा अघोषित और मनमाने पावर कट के कारण शहर के कई वार्डों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। घरों में बीमार बुजुर्गों, मरीजों और छोटे बच्चों को गर्मी में असहनीय कष्ट भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में बिजली का कोई टाइम-टेबल तय नहीं है। इससे सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई है, पशुओं के लिए पानी की समस्या हो रही है और गर्मी की उद्यानिकी खेती को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उधर बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से छोटे दुकानदारों और लघु उद्योगों का धंधा चौपट हो रहा है। लोगों के कीमती बिजली उपकरण जल रहे हैं।
सत्ताधारी विधायकों की चुप्पी पर साधा निशाना
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के विधायकों पर भी तीखा हमला बोला। बाहेती ने स्थानीय विधायकों की चुप्पी पर निशाना साधते हुए कहा कि अघोषित कटौती से जनता और अन्नदाता त्रस्त हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को राजनीति से ऊपर उठकर जनता के दुख में उनके साथ खड़ा होना चाहिए, परंतु उनकी यह चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
जिला कांग्रेस ने अधीक्षण यंत्री को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नीमच शहर और ग्रामीण अंचलों में तुरंत अघोषित विद्युत कटौती बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में आम जनता और पीड़ित किसानों को साथ लेकर बिजली विभाग के खिलाफ एक विशाल और उग्र आंदोलन किया जाएगा।






