हाल ही में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दरअसल उन्होंने प्रधानमंत्री के काफिले में कमी, बढ़ती महंगाई और आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले के बयान जैसे विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी है।
दरअसल कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा पूरी तरह से होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर प्रधानमंत्री के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई है, तो इसका सीधा मतलब है कि पहले उसकी जरूरत नहीं थी। वहीं सिब्बल ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री को किसी भी तरह के संकट में नहीं होना चाहिए, उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अन्य मंत्रियों की सुरक्षा के संबंध में भी यही बात लागू होती है; यदि उनकी सुरक्षा में कटौती की गई है, तो यह दर्शाता है कि पूर्व में इतनी सुरक्षा आवश्यक नहीं थी। उन्होंने इस देश के भविष्य के प्रति गंभीर चिंतन की कमी पर भी दुख व्यक्त किया।
सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेरा
दरअसल केंद्र सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेरते हुए कपिल सिब्बल ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े वर्षों के बाद आज ‘अच्छे दिन’ आ गए हैं। सिब्बल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से पहले भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 58 पर था, जो अब 95 तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल के दाम में 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, साथ ही डीजल और दूध की कीमतें भी बढ़ी हैं। सीएनजी की कीमत में भी इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता पर सीधा बोझ पड़ा है।
प्रधानमंत्री से किया यह सवाल
राज्यसभा सांसद ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि 12 साल के इंतजार के बाद भी ये ‘अच्छे दिन’ क्यों नहीं आए? उन्होंने फरवरी में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले का जिक्र किया और बताया कि मई तक होर्मुज से तेल की आपूर्ति नहीं हो रही है। सिब्बल ने कहा कि तेल की किल्लत है और भारत के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं है, जिससे आने वाले समय में बड़ी आर्थिक मुश्किलें पैदा होंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और सभी लोग इस आर्थिक गिरावट की संभावना से अवगत थे, तो चुनाव के समय इतना ‘ताम-झाम’ क्यों चल रहा था? उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री ने इस बारे में कोई बात नहीं की।
पहले उनकी जरूरत नहीं थी
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव खत्म होने और नतीजे आने के बाद ही प्रधानमंत्री ने कटौती की बात की। उन्होंने दोहराया कि अगर दो गाड़ियां कम भी की गई हैं, तो इसका मतलब है कि पहले उनकी जरूरत नहीं थी। सिब्बल ने यह भी कहा कि इस देश के भविष्य के प्रति बयान तो दिए जा सकते हैं, लेकिन उन पर कभी सोचा नहीं जाता।
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले के पाकिस्तान से बातचीत जारी रखने के बयान पर कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि होसबोले साहब ऐसा चाहते हैं। सिब्बल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि मैंने यह बात कही होती, तो मुझे ‘एंटी-नेशनल’ और ‘प्रो-पाकिस्तान’ करार दिया जाता। उन्होंने कहा कि किसी और ने यह बात कही होती, तो उसे पाकिस्तान चले जाने को कहा जाता, लेकिन होसबोले साहब बोल दें तो वह सही है। सिब्बल ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि सरकार तो होसबोले साहब के इशारों पर ही चलती है, क्योंकि वह आरएसएस में नंबर दो की पोजिशन पर हैं। उन्होंने अंत में कहा कि अब तो हमें भी छूट मिल गई है कि हम भी बातचीत होनी चाहिए, ऐसा कह सकते हैं।






