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भोजशाला फैसले के बाद आज पहला शुक्रवार, हिंदू करेंगे हवन-पूजन, धार में तैनात किए गए 2 हजार पुलिसकर्मी

Written by:Rishabh Namdev
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के भोजशाला फैसले के बाद आज पहला शुक्रवार है। बता दें कि हिंदू समाज को पूजन की इजाजत मिली है। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, इसी बीच शुक्रवार के चलते धार में कड़ी सुरक्षा देखी जा रही है।
भोजशाला फैसले के बाद आज पहला शुक्रवार, हिंदू करेंगे हवन-पूजन, धार में तैनात किए गए 2 हजार पुलिसकर्मी

धार के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के बाद आज पहला शुक्रवार है, जहां एक ओर हिंदू समाज हवन-पूजन और महाआरती की तैयारी में है, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। दरअसल बीती 15 मई को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला को मंदिर घोषित किया था, जिसके बाद आज का दिन शहर में विशेष धार्मिक और कानूनी गहमागहमी का साक्षी बन रहा है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।

दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक भोजशाला में हवन-पूजन

दरअसल हिंदू समाज की ओर से भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि आज दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक भोजशाला में हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, पहले शोभायात्रा निकालने की योजना थी, जिसे किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया है। जैन ने इस दिन को बेहद ऐतिहासिक करार दिया, उनका कहना है कि 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आज हिंदू समाज पूरे स्वाभिमान और सम्मान के साथ भोजशाला में मां सरस्वती का पूजन और महाआरती करेगा। उन्होंने स्मरण कराया कि साल 1305 ई. में मुगल आक्रांता अलाउद्दीन खिलजी ने इस मंदिर पर अवैध कब्जा कर इसे अपवित्र कर दिया था, जिसके बाद से हिंदू समाज निरंतर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था।

मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

इधर, हाई कोर्ट के फैसले से निराश मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार देर शाम सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करते हुए आदेश को एकतरफा बताया है। सदर अब्दुल समद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कमाल मौला मस्जिद में पिछले 700 सालों से जुमे की नमाज अदा होती रही है। इस प्राचीन परंपरा के प्रभावित होने से मुस्लिम समाज में दुख है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लड़ी जाएगी। शहर काजी वकार सादिक ने भी न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज अब सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद कर रहा है।

प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील

पूर्व में मुस्लिम पक्ष ने भी भोजशाला में नमाज अदा करने की घोषणा की थी, जिसे देर शाम टाल दिया गया। शहर काजी ने बताया कि जब सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्टे मिलेगा, तभी मुस्लिम समाज सम्मान के साथ पहले की तरह नमाज अदा करेगा। उन्होंने प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील करते हुए सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया। शहर काजी ने कहा कि यह शहर हमारा अपना है, इसलिए अमन और भाईचारे को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

धार में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शहरभर में करीब दो हजार अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ सामग्री का प्रसार न हो सके। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने नागरिकों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। गुरुवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के नेतृत्व में पैदल फ्लैग मार्च भी निकाला गया था, जिसका उद्देश्य शांति का संदेश देना था।

8 विशेष सुरक्षा कंपनियां भी लगाई गई

एडिशनल एसपी विजय डावर ने सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के 2000 जवानों के अतिरिक्त 8 विशेष सुरक्षा कंपनियां भी लगाई गई हैं। इनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), पैरामिलिट्री फोर्स, एसडीएफ, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और घुड़सवार पुलिस जैसी इकाइयां शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।

यह मुक्ति अभी अधूरी: गोपाल शर्मा

भोज उत्सव समिति के सदस्य गोपाल शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह मुक्ति अभी अधूरी है। उनका संकल्प है कि जब तक भोजशाला का पूरा वैभव और स्वरूप राजा भोज के काल जैसा नहीं हो जाता, तब तक यह सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी जब वे मंदिर में आते हैं तो बहुत सी चीजें आंखों में चुभती हैं, जो इसके मूल स्वरूप को खंडित करती हैं।

जानकारी दे दें कि इससे पहले 19 मई को हिंदू समाज ने विजय महासत्याग्रह मनाया था। इस अवसर पर सुबह 8:55 बजे सरस्वती स्तुति के बाद हनुमान चालीसा और महाआरती की गई थी। महासत्याग्रह भोज उत्सव समिति ने उन लोगों को समर्पित किया, जिनकी भोजशाला आंदोलन में जान चली गई या जिन्हें जेल जाना पड़ा था। दोपहर में करीब एक घंटे तक आतिशबाजी भी की गई थी। इस दौरान यह संकल्प लिया गया कि जल्द ही लंदन से मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा वापस लाकर भोजशाला में स्थापित की जाएगी। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार को तीन सूत्रीय मांग का प्रतिवेदन भेजा गया है। इसमें पहली मांग वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाने की है। दूसरी मांग गर्भगृह में लिखी इस्लामिक आयतों को हटाने की है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि एएसआई सर्वे के दौरान परिसर से निकली ब्रह्माजी और वाग्देवी सहित सभी 94 देवी-देवताओं की मूर्तियों को तत्काल भोजशाला में स्थापित करने के लिए भी पत्र लिखा गया है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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