भोजशाला को मां वाग्देवी अर्थात मां सरस्वती का मंदिर माने जाने के इंदौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद से भोजशाला में सैकड़ों की संख्या में हिन्दू पहुंच रहे हैं, वे यहाँ पूजा अर्चना कर रहे हैं और जयकारे लगा रहे हैं। भोजशाला के बाहर पटाखे फोड़े जा रहे हैं आतिशबाजी हो रही है, लोग अपन घरों पर दीपक जला रहे है आज मंगलवार को ये ख़ुशी कई गुना बढ़कर प्रकट की गई।
लंबे समय से चले आ रहे भोजशाला विवाद के चलते यहाँ केवल मंगलवार को हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार मिला हुआ था, लोग यहाँ सकुचाते हुए आते थे और उस स्थान पर पूजा कर चले जाते थे जहाँ कभी मां वाग्देवी की मूर्ति हुआ करती थी जो इस समय लंदन के म्यूजियम में मौजूद है, मूर्ति की पुनर्स्थापना के लिए हिन्दू संगठन यहाँ लंबे समय से सत्याग्रह भी कर रहे हैं और आज इन लोगों ने महासत्याग्रह का आयोजन किया।
भोजशाला में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ
भोजशाला में आज ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगल के दिन अलग ही खुशनुमा माहौल था, बच्चे, बड़े, बूढ़े महिलाएं भारी संख्या में यहाँ पहुंच रहे हैं और सनातन की जीत की खुशियाँ मना रहे हैं, भक्तों ने यहाँ मां वाग्देवी की मूर्ति वाले स्थान पर एक प्रतिकृति मूर्ति रख दी है जिसकी पूजा अर्चना की जा रहे है। मां वाग्देवी के मंदिर के सामने वाले स्थान पर सरस्वती का पाठ हो रहा है वहीं भोजशाला परिसर में भक्त सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं।
भक्तों बोले मां वाग्देवी की मूर्ति की स्थापना का इंतजार
स्थानीय निवासियों ने कहा कि हम अदालत के फैसले से बहुत खुश हैं अब हमें लंदन म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूर्ति का इन्तजार है हम लोग लंबे समय से मूर्ति की पुनर्स्थापना के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं और आज हम महासत्याग्रह कर रहे हैं हमें भरोसा है जल्दी ही मूर्ति विराजेगी।
दूर दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
भोजशाला में सिर्फ धार के ही नहीं प्रदेश के कई जिलों से हिन्दू धर्मावलम्बी पहुंच रहे हैं, भोजशाला परिसर में दूरदराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इंदौर से आई एक महिला ने कहा कि वो आज बहुत भाव विभोर है, हाई कोर्ट के फैसले के बाद सनातन की जीत हुई है मैं उन सभी लोगों को बधाई देती हूँ जो इस संघर्ष में शामिल रहे हैं, उन्हीं के कारण सैकड़ों साल की तपस्या अब पूरी हुई है।






