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गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को मिली रफ्तार, सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक सफर होगा आसान

Written by:Bhawna Choubey
Published:
गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक मेट्रो पहुंचेगी, जिससे लाखों लोगों का सफर आसान होगा और ट्रैफिक की बड़ी समस्या कम होने की उम्मीद है।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को मिली रफ्तार, सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक सफर होगा आसान

हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से जिस ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, अब उसे नई मंजूरी मिल गई है। हरियाणा कैबिनेट ने सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक मेट्रो विस्तार को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब शहर के हजारों यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक आसान सफर मिल सकेगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक लोगों की बड़ी परेशानी बन चुके हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और रोजाना यात्रा करने वाले लोग अक्सर जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में नई मेट्रो लाइन लोगों को राहत देने का काम करेगी।

सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक बनेगा नया मेट्रो रूट

हरियाणा सरकार ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत करीब 1.80 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो रूट को मंजूरी दी है। यह रूट सेक्टर-5 से शुरू होकर सीधे गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक जाएगा।

इस नए विस्तार पर लगभग 454 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुराने गुरुग्राम के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अभी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में लोगों को काफी समय लगता है, लेकिन मेट्रो शुरू होने के बाद सफर तेज और आसान हो जाएगा। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को शहर की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में माना जा रहा है, क्योंकि इससे ट्रैफिक कम होगा और लोगों का समय बचेगा।

क्यों बढ़ गई परियोजना की लागत?

जब साल 2019 में इस मेट्रो परियोजना की डीपीआर यानी विस्तृत रिपोर्ट तैयार हुई थी, तब इसकी लागत करीब 5452 करोड़ रुपये बताई गई थी। लेकिन अब यह लागत बढ़कर लगभग 8500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसके पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं।

मेट्रो कोचों की संख्या बढ़ी

पहले कम कोच रखने की योजना थी, लेकिन अब यात्रियों की संख्या को देखते हुए 57 अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं। इससे परियोजना की लागत काफी बढ़ गई।

बड़ा डिपो तैयार होगा

पहले सेक्टर-101 में छोटा डिपो बनाने की योजना थी, लेकिन अब सेक्टर-33 में बड़ा डिपो बनाया जाएगा। इसके लिए ज्यादा जमीन और ज्यादा खर्च की जरूरत पड़ेगी।

रैपिड मेट्रो और नमो भारत से कनेक्टिविटी

नई योजना में इस मेट्रो लाइन को रैपिड मेट्रो और नमो भारत परियोजना से भी जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में आसानी होगी।

गुरुग्राम के लोगों को क्या फायदा मिलेगा?

ट्रैफिक जाम से राहत
गुरुग्राम में हर दिन लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। खासकर रेलवे स्टेशन और पुराने बाजार वाले इलाके में लोगों को घंटों फंसना पड़ता है। मेट्रो शुरू होने के बाद सड़क पर वाहनों की संख्या कम हो सकती है।

रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा आसान
अभी कई लोगों को रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए ऑटो, कैब या बस पर निर्भर रहना पड़ता है। नई मेट्रो लाइन सीधे रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी देगी।

समय और पैसे की बचत
मेट्रो से सफर सस्ता और तेज होता है। इससे लोगों का समय भी बचेगा और रोज का खर्च भी कम होगा।

विश्व बैंक से लिया जाएगा नया कर्ज

इस परियोजना के लिए पहले भी विश्व बैंक और यूरोपियन बैंक से कर्ज लेने की योजना थी। लेकिन अब लागत बढ़ने के कारण कर्ज की राशि भी बढ़ाई जाएगी। सरकार का कहना है कि परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए फंडिंग जरूरी है। इसी वजह से संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, सामाजिक और पर्यावरण रिपोर्ट में देरी की वजह से पहले इस परियोजना का कुछ हिस्सा अटक गया था। अब नई मंजूरी के बाद काम में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रशासनिक सचिव होंगे नोडल अधिकारी

हरियाणा कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रशासनिक सचिव को इस परियोजना का नोडल अधिकारी बनाया है। अब वही इस परियोजना से जुड़े जरूरी दस्तावेजों और समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इससे काम में देरी कम होगी और फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे। सरकार चाहती है कि गुरुग्राम मेट्रो परियोजना जल्द से जल्द पूरी हो ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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