केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से लगातार हमले झेल रही आम आदमी पार्टी को आज एक और बड़ा झटका लगा, जब प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भाजपा पर भड़क उठे और उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सिंगला को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया था और वे भाजपा के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, जिससे दिल्ली की राजनीतिक गलियारों में एक नया टकराव पैदा हो गया है।
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी दिल्ली और गोवा में की गई व्यापक छापेमारी के बाद हुई, जिसमें कुछ ‘आपत्तिजनक दस्तावेज’ भी बरामद हुए हैं। ईडी की यह कार्रवाई कथित बैंक लोन धोखाधड़ी और उससे जुड़े धन शोधन नेटवर्क की गहन जांच का हिस्सा है। दीपक सिंगला, जो कि 2024 विधानसभा चुनाव में दिल्ली की विश्वास नगर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं, उनकी गिरफ्तारी ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह हलचल मचा दी है। एजेंसी ने इससे पहले भी 2024 में दीपक सिंगला के ठिकानों पर छापा मारा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय से इस मामले की जांच कर रहे थे। फिलहाल, ईडी सिंगला से गहन पूछताछ कर रही है और उनके वित्तीय लेनदेन के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
दीपक सिंगला की गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल का भाजपा पर हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दीपक सिंगला की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि दीपक सिंगला ने कोई गलत काम नहीं किया है, बल्कि उन्हें इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़े थे और उन्होंने भाजपा में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। केजरीवाल ने सिंगला को ‘बहादुर’ बताते हुए उनकी प्रशंसा की और कहा कि वह देश के लिए लड़ रहे हैं। केजरीवाल के इस बयान ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच पहले से जारी राजनीतिक खींचतान को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, खासकर उन नेताओं को जो भाजपा के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं।
AAP ने गिरफ्तारी को बताया केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
आम आदमी पार्टी ने इस गिरफ्तारी को केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का एक और उदाहरण बताया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह भाजपा की हताशा को दर्शाता है, जो चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराकर और उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर अपनी राह आसान बनाना चाहती है। उनका दावा है कि इस तरह की कार्रवाइयां लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और यह साफ संकेत देती हैं कि भाजपा विपक्ष को खत्म करने की साजिश रच रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां पूरी तरह से स्वतंत्र हैं और वे कानून के दायरे में रहकर सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। उनका तर्क है कि अगर किसी ने कोई गलत काम किया है, तो उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, भले ही वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के मामलों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
दीपक सिंगला की गिरफ्तारी ने दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय खोल दिया है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के बीच टकराव को और गहरा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और गरमा सकता है। आम आदमी पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से संसद तक अपना विरोध दर्ज करा सकती है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई के रूप में पेश करेगी। दिल्ली की जनता के बीच भी इस गिरफ्तारी को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है, जहां एक वर्ग इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई के तौर पर देख रहा है। इस पूरी घटना ने दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य को और भी जटिल बना दिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह टकराव आगे चलकर क्या मोड़ लेता है।





