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झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन ने 336 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- दो से चार महीनों में की जाएंगी हजारों नई नियुक्तियां

Written by:Ankita Chourdia
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को 336 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिसमें 319 शिक्षक और 17 महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने राज्य में हजारों नई नियुक्तियों की घोषणा भी की।
झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन ने 336 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- दो से चार महीनों में की जाएंगी हजारों नई नियुक्तियां

झारखंड में रोजगार सृजन और मानव संसाधन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 336 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को उनके नए पदों पर नियुक्त किया, जो राज्य के विकास में उनके योगदान का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस मौके पर उन्होंने राज्य के युवाओं को संबोधित करते हुए एक बड़ी घोषणा की, जिसमें बताया गया कि आगामी दो से चार महीनों में हजारों नई नियुक्तियां की जाएंगी, जो राज्य में रोजगार के अवसरों को और अधिक गति प्रदान करेगा और युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य की राह खोलेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार बनने के बाद से ही मानव संसाधन के क्षेत्र में नियुक्ति प्रक्रिया को अभूतपूर्व गति दी गई है। उन्होंने विस्तार से बताया कि पिछले केवल चार महीनों की अवधि में शिक्षा विभाग में लगभग 9 हजार शिक्षकों की नियुक्ति सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी इंटर और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य हैं, जिनकी नियुक्ति से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार प्रदान करना नहीं है, बल्कि इन नियुक्तियों के माध्यम से झारखंड के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसे सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति की क्षमता का पूर्ण उपयोग हो सके।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना पर सरकार का फोकस

हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया और बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इस योजना के तहत राज्य भर में विद्यालयों को उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने झारखंड के लिए वर्षों से एक बड़ी चुनौती रहे कुपोषण की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य इस गंभीर समस्या से राज्य को बाहर निकालना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इस दिशा में महिला पर्यवेक्षिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। वे जमीनी स्तर पर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार लाने में अहम कड़ी साबित होंगी।

मुख्यमंत्री ने अपनी दूरदृष्टि साझा करते हुए कहा कि सरकार की यह प्रबल इच्छा है कि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बने। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, शिक्षा, पोषण और रोजगार के क्षेत्रों में लगातार और समन्वित तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और प्रगतिशील समाज की नींव स्वस्थ एवं शिक्षित नागरिकों से ही बनती है, और सरकार इसी दिशा में अपने सभी प्रयासों को केंद्रित कर रही है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में संजय प्रसाद यादव, राधाकृष्ण किशोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार की इन पहलों को सफल बनाने में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह समारोह झारखंड के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद और अवसरों का प्रतीक बना।

Ankita Chourdia
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